ADR रिपोर्ट: चंदे के मामले में भाजपा सबसे अमीर, कांग्रेस से 10 गुना आगे
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ADR रिपोर्ट: चंदे के मामले में भाजपा सबसे अमीर, कांग्रेस से 10 गुना आगे

डीआर की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय दलों के चंदे में 161 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई। भाजपा को अन्य सभी दलों के मुकाबले सबसे अधिक चंदा मिला।


ADR Report : एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने राजनीतिक दलों के चंदे पर नई रिपोर्ट जारी की है। वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय दलों को मिलने वाले चंदे में जबरदस्त उछाल आया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 161 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। इस चंदे का सबसे बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में गया है। भाजपा को मिला चंदा अन्य सभी राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे से 10 गुना अधिक है। गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग की पूरी तस्वीर साफ कर दी है। कुल 11,343 दानदाताओं ने राष्ट्रीय दलों को 20 हजार रुपये से अधिक का दान दिया है।


भाजपा के खजाने में रिकॉर्ड बढ़ोतरी:
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा को कुल 6,074.01 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह राशि 5,522 अलग-अलग दानदाताओं से प्राप्त हुई है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में भाजपा के चंदे में 171 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साल 2023-24 में भाजपा को 2,243.94 करोड़ रुपये मिले थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर छह हजार करोड़ के पार पहुँच गया है। भाजपा का यह चंदा कांग्रेस, आप और माकपा के कुल चंदे से भी कई गुना ज्यादा है। यह आंकड़े भाजपा की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं।

कांग्रेस और अन्य दलों की स्थिति:
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के चंदे में भी इस साल बढ़ोतरी देखी गई है। कांग्रेस को वित्त वर्ष 2025 में 517.39 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ। यह पिछले साल के 281.48 करोड़ रुपये से 84 प्रतिशत अधिक है। आम आदमी पार्टी (आप) को 27.04 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। आप के चंदे में 244 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को 1.94 करोड़ रुपये का चंदा मिला। एनपीईपी के चंदे में 1,313 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।

मायावती की बसपा को 'शून्य' चंदा:
रिपोर्ट में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मायावती की अगुवाई वाली बसपा ने घोषित किया कि उसे कोई चंदा नहीं मिला। पार्टी के अनुसार 20,000 रुपये से अधिक का एक भी दान प्राप्त नहीं हुआ। दूसरी ओर माकपा और एनपीपी जैसे दलों को भी सीमित चंदा मिला है। कुल मिलाकर राष्ट्रीय दलों को मिलने वाले चंदे में 4,104.28 करोड़ की वृद्धि हुई। इस पूरी राशि का बड़ा हिस्सा केवल एक ही पार्टी के पास केंद्रित है।

पारदर्शिता और राजनीतिक फंडिंग:
एडीआर की यह रिपोर्ट राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। रिपोर्ट के अनुसार कुल घोषित दान 6,648.56 करोड़ रुपये रहा है। इसमें कॉरपोरेट और व्यक्तिगत दानदाताओं की बड़ी भूमिका रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ इस भारी अंतर को चुनावी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। चंदे में आई यह उछाल आने वाले चुनावों में दलों की ताकत तय करेगी। फिलहाल भाजपा वित्तीय संसाधनों के मामले में सभी प्रतिद्वंद्वियों से बहुत आगे है।


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