BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की वोटर लिस्ट में आडवाणी-जोशी का नाम नहीं, दोनों नहीं डाल पाएंगे वोट
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1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है।

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की वोटर लिस्ट में आडवाणी-जोशी का नाम नहीं, दोनों नहीं डाल पाएंगे वोट

19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे।


लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी। ये दोनों दिग्गज नेता बीजेपी के संस्थापक सदस्य हैं, लेकिन ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब वो अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे। ऐसा इसलिए क्योेंकि दोनों ही दिग्गज नेताओें का वोटर लिस्ट में नाम नहीं है।

आडवाणी-जोशी वोटर लिस्ट से बाहर क्यों?

1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। हालांकि इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है।आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में चुनाव अभी लंबित हैं।

जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

आपको बता दें कि इससे पहले आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे।

नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना तय

भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन होगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी का समय है। 20 जनवरी को यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा। जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल आदि) में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारना होगी। युवा नेतृत्व के माध्यम से भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

वैसे 45 साल के नितिन नवीन का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है। 19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे।

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