
राहुल के तीखे हमलों के बाद सामने आए हरदीप पुरी, बोले- 'एपस्टीन से 3-4 बार मिला'
हरदीप सिंह पुरी की ये टिप्पणियां उस समय आईं जब राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनके पास सत्यापित जानकारी है
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा कुख्यात एपस्टीन फाइल्स को लेकर बार-बार किए जा रहे हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह जेफ्री एपस्टीन से केवल “तीन या चार बार” पेशेवर हैसियत से मिले थे, जब वे बहुपक्षवाद पर स्वतंत्र आयोग (Independent Commission on Multilateralism) से जुड़े कार्य कर रहे थे।
पुरी ने स्पष्ट किया कि ये मुलाकातें 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले हुई थीं और यह जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने कहा, “मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि आज संसद सत्र के दौरान कुछ बाहरी घटनाक्रमों, एपस्टीन फाइल्स, के संदर्भ में मेरा नाम लिया गया। मैं कुछ जानकारी साझा करना चाहता हूं… ये सभी तथ्य सार्वजनिक हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “तीन मिलियन ईमेल जारी किए गए हैं, जो मई 2009 से लेकर, जब मैं न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत का राजदूत बना, 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि को कवर करते हैं। इस दौरान केवल तीन या चार बैठकों का ही उल्लेख है, और मेरी सभी बातचीत पूरी तरह पेशेवर थी, जो बहुपक्षवाद पर स्वतंत्र आयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यों से संबंधित थी।”
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पुरी ने कहा, “एपस्टीन फाइल्स, युवा नेता को यह पता होना चाहिए, गलत कामों और आपराधिक अपराधों से जुड़ी हैं। एपस्टीन फाइल्स में आरोप हैं कि उसके पास एक द्वीप था, जहां वह लोगों को उनकी यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए ले जाता था, उस पर बाल यौन शोषण (पेडोफिलिया) के आरोप हैं और इसके पीड़ित भी हैं। उन पीड़ितों ने सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। मेरा उस सब से कोई संबंध नहीं था।”
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष की आलोचना के बीच हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के दौर में यह समझौता सबसे बेहतर संभव था और यह तो सिर्फ एक “ट्रेलर” है।
भारत की आर्थिक वृद्धि का बचाव करते हुए और राहुल गांधी द्वारा ट्रंप के “डेड इकोनॉमी” वाले दावे को दोहराने पर निशाना साधते हुए पुरी ने कहा, “एक तरफ वे नेता हैं जो देश को बदलने के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं और चौबीसों घंटे काम करते हैं, और दूसरी तरफ भोंडेपन के तत्व हैं। मैं अपने शब्दों का चयन सावधानी से कर रहा हूं, भोंडेपन के तत्व। मैंने उन्हें (राहुल गांधी) भोंडा नहीं कहा, मैंने कहा कि इसमें भोंडेपन के तत्व हैं।”
हरदीप पुरी की ये टिप्पणियां उस समय आईं जब राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनके पास सत्यापित जानकारी है और “अमेरिका के न्याय विभाग की एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं।”
राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा,“मैं अपने पास मौजूद आंकड़ों को प्रमाणित करूंगा। एपस्टीन फाइल्स में न्याय विभाग के दस्तावेजों में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं।”
नई संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में गांधी ने दावा किया कि अमेरिकी ‘एपस्टीन फाइल्स’ में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी के नाम सामने आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अदाणी मामले में जारी समन पर भारतीय सरकार पिछले 18 महीनों से जवाब नहीं दे रही है।
गांधी ने आरोप लगाया,“प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा दबाव है। बिना किसी दबाव के भारत का कोई प्रधानमंत्री किसानों, डेटा, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा जैसे मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा। ऐसा तभी हो सकता है जब उन पर भारी दबाव हो और वे पूरी तरह जकड़े हुए हों।”
एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए गांधी ने कहा, “भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों के भविष्य को गिरवी रख दिया है। युवाओं की नौकरियां खतरे में हैं, किसानों की फसलें सौदेबाजी की मेज पर हैं और ऊर्जा सुरक्षा को विदेशी शर्तों के हवाले किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे लिखा, “कोई भी प्रधानमंत्री भारी दबाव के बिना इस तरह आत्मसमर्पण नहीं करता। भारत समझता है—यह बराबरी का समझौता नहीं, बल्कि मजबूरी का है। चाहे एपस्टीन फाइल्स हों या अदाणी मामला—मोदी जी ने सत्ता बचाने के लिए राष्ट्रीय हित की बलि दी है।”
इस बीच, 31 जनवरी को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा से जुड़े एक कथित ईमेल संदर्भ को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसे हाल ही में जारी एपस्टीन फाइल्स का हिस्सा बताया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उस संदर्भ को एक दोषी अपराधी की “घटिया कल्पनाएं” करार दिया था।

