
एयर इंडिया हादसे की जांच मामले में AAIB के इस कदम से नाराज पायलट्स फेडरेशन, भेजा कानूनी नोटिस
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स का कहना है कि नोटिस में यह साफ नहीं किया गया है कि वरुण आनंद को किस कानून के तहत, किस उद्देश्य से और किस भूमिका में बुलाया गया है.
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को कानूनी नोटिस भेजा है. यह नोटिस उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें हादसे में मारे गए पायलट सुमीत सभरवाल के भतीजे कैप्टन वरुण आनंद को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
कैप्टन वरुण आनंद एयर इंडिया में नैरो-बॉडी विमान के पायलट हैं और एफआईपी के सदस्य भी हैं. फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स का कहना है कि वरुण आनंद का इस हादसे से कोई सीधा या तकनीकी संबंध नहीं है और उन्हें सिर्फ पारिवारिक रिश्ते के आधार पर बुलाया गया है, जो कानूननी तौर पर सही नहीं है.
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन जाते समय टेकऑफ के तुरंत बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में गिर गई थी. इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी.
एफआईपी ने अपने नोटिस में कहा है कि कैप्टन वरुण आनंद न तो इस दुर्घटना के गवाह हैं, न तकनीकी विशेषज्ञ और न ही जांच से जुड़े किसी काम में उनकी भूमिका रही है.
AAIB ने सफाई देते हुए कहा है कि विमान दुर्घटना जांच नियम 2025 के तहत जांच अधिकारी को यह अधिकार है कि वह जांच से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बुला सकता है और उससे जानकारी या दस्तावेज मांग सकता है. फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स का कहना है कि नोटिस में यह साफ नहीं किया गया है कि वरुण आनंद को किस कानून के तहत, किस उद्देश्य से और किस भूमिका में बुलाया गया है. संगठन ने आशंका जताई है कि मृत पायलट के परिजनों को बिना ठोस वजह बुलाना उचित नहीं है.

