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COAS Upendra Dwivedi

पाकिस्तान और POK में अभी भी 8 Terror Camps हैं एक्टिव, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का खुलासा

आर्मी चीफ ने पाकिस्तान को चेतावनी देते कहा कि, अगर बार्डर या एलओसी के पास से कोई भी हिमाकत की गई उसका करारा जवाब दिया जाएगा.


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भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी 8 आतंकी कैंप पाकिस्तान में एक्टिव है. उन्होंने कहा, 6 टेरर कैंप पाकिस्तान में इँटरनेशनल बार्डर के पास और 2 टेरर कैंप लाइन ऑफ कंट्रोल के पास एक्टिव है. आर्मी चीफ ने पाकिस्तान को चेतावनी देते कहा कि, अगर बार्डर या एलओसी के पास से कोई भी हिमाकत की गई उसका करारा जवाब दिया जाएगा.

पाक टेरर कैंप में 100-150 हो सकते हैं आतंकी

Army Day से पहले सालाना प्रेस कॉंफ्रेस को संबोधित करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जो 8 आतंकी कैंप चल रहे हैं उसमें 100 से 150 आतंकियों के होने की संभावना है. सेना प्रमुख ने इस सभी कैंप पर सेना नजर बनाए हुए है. लगातार संख्या का पता लगाने की कोशिशें की जा रही है और हम पूरी तरह अलर्ट हैं. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और सेना के आंख, कान हमेशा खुले रहते हैं. आर्मी चीफ ने ये जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच DGMO के बीच हुई बातचीत के बाद फॉरवर्ड मूवमेंट को कम किया था जिसे ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोबिलाइजेशन को बढ़ा दिया गया था.



ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई नेताओं ने खुद को परमाणु शक्ति होने को लेकर भारत को धमकी दी थी. जिसपर जनरल द्विवेदी ने कहा, जहां तक न्यूक्लीयर बम (nuclear rhetoric) की धमकी का सवाल है तो भारत-पाक DGMO के बीच बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई बात नहीं हुई थी. बल्कि ये राजनेताओं और स्थानीय नेताओं द्वारा उकसाने के लिए बोला जा रहा था.

ड्रोन पर सेना का फोकस

सेना प्रमुख ने बताया, ड्रोन को लेकर जिस तरह की तैयारी हमने शुरू की है उसमें हम फिलहाल आत्मनिर्भरता पर फ़ोकस कर रहे हैं. हमें मिसाइल फ़ोर्स की जरूरत है. पाक ने भी रॉकेट फ़ोर्स तैयार किया है. चीन के पास भी है. यह समय की जरूरत है. घुसपैठ पर आर्मी चीफ ने कहा, 26 जनवरी के आसपास पाकिस्तान ऐसी कोशिशें करता रहता है. वह ड्रोन के जरिये हमारी तैयारी जानने की कोशिश करते है. डीजीएमओ के बीच बातचीत में उनको बता दिया गया कि यह नहीं चलेगा. एलएसी पर दोनो पक्ष विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे है. कई लेवल पर मीटिंग हो चुकी है. दोनों पक्ष एक दूसरे से लगातार बात चीत कर रहे है ताकि कोई मामला आगे ना बढ़े. जहां तक तैनाती में कमी की बात है वह भी धीरे धीरे होगा.

बांग्लादेश के हालात पर नजर

बांग्लादेश में फिलहाल अंतरिम सरकार है. सेना हर चैनल खुले रखे है . दोनों देशों के सेनाओं के बीच लगातार बात हो रही है ताकि कोई कन्फ्यूजन नहीं रहे. सेना प्रमुख ने कहा, बांग्लादेश अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा रहा वह हम भी करते है.

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