
LPG संकट से बेंगलुरु और चेन्नई में होटल बंद होने की नौबत, गुरुग्राम के रेस्टोरेंट भी चिंतित
कमर्शियल एलपीजी वितरकों ने यह कहते हुए सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी है कि उनके पास कोई स्टॉक नहीं है। इसके कारण कई रेस्टोरेंट बंद करने पड़ रहे हैं।”
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के साइड इफेक्ट्स भारत में दिखने लगे हैं, खासकर गैस के मामले में। देशभर के कई होटल एसोसिएशन ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की शिकायत की है। यह स्थिति उस समय सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले पूरे देश में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाई गई थीं।
क्या बेंगलुरु और चेन्नई में रेस्टोरेंट बंद होंगे?
बेंगलुरु और चेन्नई के होटल एसोसिएशन ने एलपीजी सप्लाई में रुकावट की चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो मंगलवार, 10 मार्च से इन शहरों के रेस्टोरेंट संचालन बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
चेन्नई होटल्स एसोसिएशन और बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सोमवार को कहा कि दोनों शहरों में रेस्टोरेंट्स को मिलने वाली कमर्शियल एलपीजी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, “गैस की सप्लाई बंद हो गई है, इसलिए कल से होटल बंद करने पड़ सकते हैं।”
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि अगर संचालन प्रभावित हुआ तो इसका असर आम लोगों, छात्रों और मेडिकल प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा, जो रोजाना भोजन के लिए होटलों पर निर्भर रहते हैं।
चेन्नई होटल्स एसोसिएशन ने भी इसी तरह का बयान जारी किया और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप की मांग की।
एसोसिएशन ने ट्वीट कर कहा,“कमर्शियल एलपीजी वितरकों ने यह कहते हुए सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी है कि उनके पास कोई स्टॉक नहीं है। इसके कारण कई रेस्टोरेंट बंद करने पड़ रहे हैं।”
इसके अलावा होटलों द्वारा पहले से बुक किए गए बैंक्वेट कार्यक्रम, आईटी पार्कों और कॉलेज हॉस्टलों को होने वाली खाद्य आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी जताई चिंता
बेंगलुरु और चेन्नई के अलावा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
एनआरएआई ने चेतावनी दी कि “रेस्टोरेंट उद्योग मुख्य रूप से कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर है। इसमें किसी भी तरह की बाधा आने से बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।”
दक्षिण भारत के इन शहरों के अलावा गुरुग्राम और मुंबई में भी रेस्टोरेंट्स ने कमर्शियल एलपीजी की कमी की शिकायत की है। कुछ जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट मैनेजर के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि , “हमारे सप्लायर ने बताया है कि कमर्शियल एलपीजी की डिलीवरी फिलहाल रोक दी गई है। हमारे पास लगभग तीन दिन के लिए बैकअप सिलेंडर हैं। अगर स्थिति जारी रही तो हमें घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करने या मेन्यू के कुछ आइटम कम करने पड़ सकते हैं।”
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार मुंबई के दादर, अंधेरी और माटुंगा जैसे इलाकों के रेस्टोरेंट्स ने गैस बचाने के लिए धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजन मेन्यू से हटा दिए हैं और अपने संचालन समय को कम कर दिया है।
वहीं पुणे नगर निगम (PMC) ने शहर के गैस आधारित शवदाह गृहों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और निर्देश दिया है कि उपलब्ध प्रोपेन और ब्यूटेन गैस को देशभर में घरेलू एलपीजी आपूर्ति के लिए प्राथमिकता दी जाए।
सरकार ने क्या कहा?
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भारत में होटलों को एलपीजी की कमी की खबरों के बीच सरकार ने सोमवार को बयान जारी किया। सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान में कहा, “घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है और जमाखोरी व काला बाजारी रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू किया गया है।”
मंत्रालय ने यह भी बताया कि रेस्टोरेंट्स को एलपीजी आपूर्ति से जुड़े प्रतिनिधित्व की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है।
पिछले सप्ताह कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹115 और घरेलू सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी।
ईरान-अमेरिका तनाव का असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।
इससे ऊर्जा कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका पैदा हो गई है, क्योंकि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को निशाना बनाया है। यह दुनिया का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग पाँचवें हिस्से का तेल परिवहन होता है।

