
बेंगलुरु: ट्रैफिक से बचाएंगे 35 फ्लाईओवर, 25 अंडरपास और 101 स्काईवॉक
बेंगलुरु का ट्रैफिक कम करने की बड़ी योजना तैयार। मेगा प्लान के तहत बनेंगे 35 फ्लाईओवर, 25 अंडरपास और 101 स्काईवॉक...
इस योजना में शहर भर में यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई छोटे बदलाव भी शामिल हैं। इनमें 2,340 नए ट्रैफिक साइनबोर्ड लगाना, 103 बस स्टॉप को स्थानांतरित करना और 63 नए बस बे (bus bays) का निर्माण करना शामिल है।
बेंगलुरु में लगातार गंभीर होती ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस (BTP) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। शहर की सड़कों पर बढ़ते बोझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर दिन लगभग 2,000 नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। इस बेतहाशा वृद्धि के कारण चरमराते बुनियादी ढांचे को सहारा देने के लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) को एक बड़ा प्रस्ताव सौंपा गया है। इस प्रस्ताव के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में 35 नए फ्लाईओवर, 25 आधुनिक अंडरपास और 101 स्काईवॉक बनाने की योजना है। यह योजना केवल बड़े निर्माणों तक सीमित नहीं है। बल्कि इसमें यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए 2,340 नए ट्रैफिक साइनबोर्ड लगाने, 103 बस स्टॉप को स्थानांतरित करने और सुचारू आवाजाही के लिए 63 नए बस बे (bus bays) बनाने जैसे सूक्ष्म सुधार भी शामिल किए गए हैं।
पूर्वी बेंगलुरु पर विशेष ध्यान और सिग्नल-मुक्त गलियारे
ट्रैफिक पुलिस के इस मास्टर प्लान में पूर्वी बेंगलुरु के इलाकों, विशेषकर महादेवपुरा और व्हाइटफील्ड जैसे जोन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ये क्षेत्र वर्तमान में शहर के सबसे व्यस्ततम और जाम से प्रभावित हिस्सों में गिने जाते हैं, जिसके चलते यहां अधिक फ्लाईओवर और पैदल यात्री बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है। इसके अलावा, योजना का एक मुख्य आकर्षण शहर के 25 प्रमुख जंक्शनों को पूरी तरह से 'सिग्नल-मुक्त' (Signal-free) बनाना है। इसके लिए हेब्बल, सरक्की सर्कल और बन्नेरघट्टा रोड स्थित डालमिया जंक्शन जैसे प्रमुख चौराहों पर अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, वरथुर कोडी, डम्मासैंड्रा, गुंजूर, एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड और यलहंका जैसे इलाकों में भी नए फ्लाईओवर प्रस्तावित किए गए हैं ताकि वाहनों की गति बिना किसी रुकावट के बनी रहे।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी सड़क सुधार
सड़कों पर वाहनों की रफ्तार के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी इस योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु में हर साल करीब 200 पैदल यात्री सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं। इस दुखद स्थिति को रोकने के लिए पुलिस विभाग ने 101 नए स्काईवॉक के निर्माण का प्रस्ताव दिया है, जिससे न केवल जानमाल का नुकसान कम होगा बल्कि पैदल चलने वालों के लिए आवाजाही भी सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, सड़कों की बनावट में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए 84 ऐसे स्पीड ब्रेकरों को चिन्हित किया गया है जो अवैज्ञानिक तरीके से बनाए गए हैं और उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही, मानसून के दौरान यातायात को ठप करने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 137 संवेदनशील स्थानों पर ड्रेनेज (निकासी) व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की चुनौतियां और भविष्य की रणनीति
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के इस विस्तृत ऑडिट और प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए GBA के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव ने इसे बेहद विस्तृत और महत्वपूर्ण बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतने विशाल स्तर की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भूमि अधिग्रहण की जटिलता और वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन करना सबसे बड़ी चुनौतियां होंगी। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि इन सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मेट्रो और उपनगरीय रेल (Suburban Rail) प्रोजेक्ट्स के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर ही आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के विभिन्न परिवहन माध्यम एक-दूसरे के पूरक बनें और भविष्य में बेंगलुरु का ट्रैफिक तंत्र एक स्थायी और मजबूत समाधान की ओर अग्रसर हो सके।
(यह लेख मूल रूप से 'द फेडरल कर्नाटक' में प्रकाशित हुआ है।)

