
ईरान संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम,अब गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद
सरकार का कहना है कि यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है, ताकि एलपीजी की जमाखोरी रोकी जा सके और किसी भी संकट की स्थिति में सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा सके।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अब घरेलू गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए न्यूनतम इंतजार अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है, ताकि एलपीजी की जमाखोरी रोकी जा सके और किसी भी संकट की स्थिति में सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा सके।
अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में वैश्विक तेल बाजार को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। खबरों के मुताबिक ईरान ने दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि यह रास्ता केवल अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए बंद किया जा सकता है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।
देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल भारत में घबराने की कोई जरूरत नहीं है। देशभर में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) की भी अभी कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा स्थिति में भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर है।
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने एहतियात के तौर पर देश की सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि फिलहाल घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।
यानी औद्योगिक या व्यावसायिक इस्तेमाल के मुकाबले घरों में उपयोग होने वाली गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर?
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। उनका कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
फिलहाल अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है।
एहतियाती कदम के तौर पर फैसला
सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है। एलपीजी बुकिंग नियमों में किया गया यह बदलाव सिर्फ एहतियाती कदम है, ताकि वैश्विक हालात और बिगड़ने की स्थिति में भी आम लोगों को गैस और ईंधन की उपलब्धता में परेशानी न हो।

