AI इंपैक्ट समिट में नहीं शामिल होंगे बिल गेट्स, एपस्टीन विवाद का साया
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AI इंपैक्ट समिट में नहीं शामिल होंगे बिल गेट्स, एपस्टीन विवाद का साया

गेट्स फाउंडेशन ने साफ कर दिया है कि बिल गेट्स एआई इंडिया इंपैक्ट समिट का हिस्सा नहीं होंगे उनकी जगह अंकुर वोरा समिट का हिस्सा होंगे।


एआई इंपैक्ट समिट 2026 में बिल गेट्स शामिल नहीं होंगे। इस विषय पर कई दिनों से चल रहा सस्पेंस खत्म हो चुका है। बिल गेट्स की जगह अफ्रीका और भारत स्थित गेट्स फाउंडेशन के प्रेसिडेंट एआई इंपैक्ट समिट में अपने विचारों को रखेंगे। फाउंडेशन का कहनुा है कि पहले की तरह वो भारत में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वास्थ्य और विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वो भारत के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।


पहले यह जानकारी थी कि बिल गेट्स नई दिल्ली के भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होंगे, गेट्स फाउंडेशन ने कन्फर्म किया है। साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है जिसमें दावा किया गया था कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर शामिल नहीं होंगे। गेट्स, ओपनAI चीफ सैम ऑल्टमैन और गूगल के CEO सुंदर पिचाई जैसे बड़े टेक्नोलॉजी लोगों के साथ मुख्य पार्टिसिपेंट्स की लिस्ट में बने हुए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग की तथाकथित ‘एपस्टीन लाइब्रेरी’ में प्रकाशित वर्षों पुराने ईमेल्स में तकनीकी उद्यमी Bill Gates के बार-बार उल्लेख सामने आने के बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उनकी तीखी आलोचना हो रही है। खासतौर से 30 जनवरी को U.S. Department of Justice (डीओजे) द्वारा जारी एक बड़े अपडेट के बाद यह विवाद और गहरा गया। इस अपडेट में पहले से सार्वजनिक दस्तावेजों के अतिरिक्त 30 लाख से अधिक नए पन्ने जारी किए गए, जिनमें ईमेल संवाद और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं।

इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद ऑनलाइन मंचों पर गेट्स के संदर्भों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इन ईमेल्स में उनके नाम का बार-बार आना कई सवाल खड़े करता है, जबकि उनके समर्थकों का तर्क है कि केवल नाम का उल्लेख होना किसी भी प्रकार की संलिप्तता का प्रमाण नहीं होता।

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