चुनावी इतिहास में नया अध्याय, प्रत्याशी की मौजूदगी में होगी EVM जांच
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चुनावी इतिहास में नया अध्याय, प्रत्याशी की मौजूदगी में होगी EVM जांच

बांबे हाई कोर्ट के आदेश पर पहली बार चुनाव नतीजों के बाद EVM जांच होगी। यह मामला जिससे चांदीवली सीट से जुड़ा हुआ है।


भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पहली बार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद इन मशीनों की आधिकारिक जांच की जाएगी, जिसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।

इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 फरवरी को सुनवाई के दौरान EVM जांच के आदेश दिए। जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन ने निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच की अनुमति मिलने के दो महीने के अंदर चुनाव आयोग को मशीनों का निरीक्षण पूरा कराना होगा।

यह मामला मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट से जुड़ा है, जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान ने चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। इस सीट पर वे शिवसेना के विधायक दिलीप भाऊसाहेब लांडे से हार गए थे।अदालत के आदेश के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा EVM की जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया आरिफ नसीम खान और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी होगी। चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब उम्मीदवारों की उपस्थिति में इस तरह की जांच कराई जा रही है।

मुंबई उपनगर की डिप्टी रिटर्निंग ऑफिसर अर्चना कदम के मुताबिक, 16 और 17 अप्रैल को EVM का ‘डायग्नोस्टिक चेक’ किया जाएगा। इस दौरान मशीनों के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच होगी।इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी पहले ही अपने उम्मीदवारों से EVM और VVPAT यूनिट्स की जांच की मांग करने को कह चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने भी EVM में कथित छेड़छाड़ और वोट चोरी के आरोप लगाए थे।

आरिफ नसीम खान ने सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम 5 प्रतिशत EVM के कंट्रोल यूनिट, VVPAT और बैलेट यूनिट के बर्न्ट मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर की जांच होनी चाहिए।उन्होंने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब तक किसी भी अदालत ने इस तरह की जांच का आदेश नहीं दिया था। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में कम से कम 20 EVM मशीनों की जांच की जाएगी।

चांदीवली सीट के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो दिलीप भाऊसाहेब लांडे को 1,24,641 वोट मिले, जबकि आरिफ नसीम खान को 1,04,016 वोट प्राप्त हुए थे।वहीं, 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। बीजेपी 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस को क्रमशः 20, 10 और 16 सीटें मिलीं।

इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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