Budget 2026-27 : 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, ITR फाइलिंग नियमों में बदलाव
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आयकर रिटर्न (आईटीआर) की फ़ाइलिंग से जुड़ी समय सीमा और नियमों में बदलाव किए गए हैं।

Budget 2026-27 : 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, ITR फाइलिंग नियमों में बदलाव

बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घाोषणा नहीं हुई है। हालांकि अब 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा।


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केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम ला रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026-27 का बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की। केंद्र सरकार पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को बदलकर नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 ला रही है।

हालांकि देश के बजट में इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आयकर रिटर्न (आईटीआर) की फ़ाइलिंग से जुड़ी समय सीमा और नियमों में बदलाव किए गए हैं।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि आईटीआर-1 और आईटीआर‑2 दाख़िल करने वाले अब 31 जुलाई तक अपना रिटर्न फ़ाइल कर सकेंगे। यही नहीं, संशोधित रिटर्न मामूली फीस के साथ 31 मा्र्च तक जमा किया जा सकता है। पहले ये 31 दिसंबर तक जमा होना था।

सरकार इनकम टैक्स नियमों को और आसान बनाने जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन्हें जल्द नोटिफ़ाई किया जाएगा। यही नहीं, इनकम टैक्स फ़ॉर्म को आसान बनाया जाएगा। सरकार ने बजट में घोषणा की है कि छोटे करदाताओं के लिए सेल्फ असेसमेंट की सुविधा दी जाएगी।

दरअसल, पिछले साल आई नई टैक्स रिज़ीम में सालाना 12 लाख तक की आमदनी पर कोई इनकम टैक्स नहीं है। सैलरी क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हज़ार रुपये है, इस लिहाज़ से सैलरी क्लास की 12 लाख 75 हज़ार रुपये तक की इनकम टैक्स फ़्री होगी।

टैक्स को लेकर कुछ और बदलाव हुए हैं जैसे सरकार ने विदेश रुपए भेजने पर टैक्स कर दिया है। पढ़ाई और इलाज के लिए विदेश पैसे भेजने पर अब कम टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) लगेगा। सरकार ने इसे 5% से घटाकर 2% करने का फैसला किया है। विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले 5% और 20% के TCS रेट को घटाकर 2% किया गया है।

सरकार ने घोषणा की है कि टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) नहीं कटवाने के लिए अलग से एप्लिकेशन देने की जरूरत नहीं होगी। नियमों अनुसार अब अगर आप पर इनकम टैक्स नहीं बनता है तो आपका TDS नहीं काटा जाएगा। अभी इसके लिए फॉर्म 15G (60 साल से कम वालों के लिए) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा करना होता था।

पुरानी टैक्स रिजीम चुनने पर अभी भी आपकी 2.5 लाख रुपए तक की इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत आप 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बचा सकते हैं। वहीं न्यू टैक्स रिजीम चुनने पर पहले की तरह ही 4 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा। इसमें इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत सैलरीड पर्सन 12.75 लाख रुपए तक की इनकम पर और अन्य 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं।

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