महंगाई पर घमासान: कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, जारी की रेट लिस्ट
x
एआई द्वारा तैयार की गयी तस्वीर 

महंगाई पर घमासान: कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, जारी की रेट लिस्ट

मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत में महंगाई पर सियासत तेज; कांग्रेस ने X पर डेटा साझा कर पेट्रोलियम और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार।


Click the Play button to hear this message in audio format

War In Middle East And Politics In India : मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग ने इस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई-चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी का नतीजा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऊर्जा संकट के इस दौर में भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, लेकिन देश के भीतर अब इस पर सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने महंगाई के इस ताजा उछाल को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार वैश्विक परिस्थितियों की आड़ में आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।



कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर एक विस्तृत डेटा साझा करते हुए महंगाई का ठीकरा सीधे मोदी सरकार पर फोड़ा है। कांग्रेस का दावा है कि पिछले महज दो हफ्तों के भीतर "जीना महंगा" हो गया है। पार्टी ने रसोई गैस से लेकर सरसों तेल और ऑनलाइन डिलीवरी फीस तक की एक सूची जारी की है। कांग्रेस के अनुसार, युद्ध तो एक वैश्विक कारण है, लेकिन देश के भीतर कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रहकर सरकार ने मिडिल क्लास की कमर तोड़ दी है। आइए विस्तार से देखते हैं कि कांग्रेस ने किन आंकड़ों के साथ सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस का X पर वार: 'महंगा हुआ जीना' कैंपेन
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें पिछले 15 दिनों में बढ़ी कीमतों का कच्चा चिट्ठा पेश किया गया है। इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस ने दर्शाया है कि कैसे रसोई से लेकर सफर तक, हर चीज़ आम आदमी की पहुँच से दूर होती जा रही है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट की लपटों से ज्यादा मोदी सरकार की नीतियां जनता को झुलसा रही हैं।

रसोई और ईंधन: कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ा प्रहार रसोई के बजट पर हुआ है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर (LPG) की कीमतों में ₹60 की वृद्धि हुई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर ₹146 महंगा हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी सीधे तौर पर महंगाई को और हवा देगी। वहीं प्रीमियम पेट्रोल पर ₹2.35 प्रति लीटर का बोझ जनता को झेलना पड़ रहा है।

थाली से लेकर तकनीक तक: क्या-क्या हुआ महंगा?
कांग्रेस ने केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों और घरेलू उपकरणों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को भी मुद्दा बनाया है। साझा किए गए डेटा के मुताबिक, सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतें ₹30 प्रति लीटर तक उछल गई हैं। वहीं पाम ऑयल में ₹15 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

आम जनता पर असर और सियासी मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचने पर अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस ने इस डेटा के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार को टैक्स घटाकर जनता को राहत देनी चाहिए। हवाई टिकटों में ₹2300 तक की वृद्धि और इंडक्शन स्टोव का 40% महंगा होना, शहरी मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और इस बढ़ती महंगाई पर क्या रुख अपनाती है।


Read More
Next Story