
Budget 2026: ‘देश को पाखंड से भरा संदेश दे रहे पीएम मोदी’, आर्थिक सर्वे पर कांग्रेस का हमला
BJP vs Congress: कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष को भरोसे में लेने के लिए न तो सर्वदलीय बैठक बुलाते हैं और न ही उसकी अध्यक्षता करते हैं।
Budget Session: संसद के बजट सत्र से पहले सियासत फिर गर्म नजर आ रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'देश के नाम संदेश' के ज़रिए विकास और समाधान की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे महज दिखावा बता रही है। विपक्ष का आरोप है कि संवाद की जगह भाषण और बहस की जगह प्रचार ने ले ली है। इसी टकराव के बीच बजट सत्र की शुरुआत और उससे जुड़ी राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। ऐसे में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बजट सत्र को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री हर सत्र की शुरुआत से पहले देश को एक जैसा 'पाखंड से भरा संदेश' देते हैं। पार्टी के अनुसार, गुरुवार को किया गया प्रदर्शन भी इसी सिलसिले का हिस्सा है।
कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष को भरोसे में लेने के लिए न तो सर्वदलीय बैठक बुलाते हैं और न ही उसकी अध्यक्षता करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संसद के भीतर संवाद से बचती है। जयराम रमेश ने दावा किया कि सरकार अक्सर अंतिम समय में विधेयक पेश करती है और बिना पर्याप्त चर्चा और संसदीय जांच के उन्हें पारित करा लेती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में बैठकर विपक्ष की चिंताओं का जवाब देने के बजाय, संसद परिसर को पृष्ठभूमि बनाकर चुनावी भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि हर सत्र से पहले प्रधानमंत्री संसद को मंच बनाकर वही पाखंड से भरा ‘देश के नाम संदेश’ देते हैं। आज का विरोध प्रदर्शन उसी सीरीज का हिस्सा है।
व्यापार समझौते को लेकर पीएम मोदी का बयान
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक महत्वाकांक्षी भारत के लिए बेहद अहम है। उन्होंने देश के उद्योगपतियों और निर्माताओं से आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिल रहे नए अवसरों का पूरा लाभ उठाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से बाहर निकल रहा है और अब स्थायी और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अब रुकावटें खड़ी करने का नहीं, बल्कि समाधान खोजने का समय है।
सरकार की प्राथमिकता
बजट सत्र की शुरुआत में संसद भवन परिसर में अपने पारंपरिक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में हमारी प्राथमिकता मानव-केंद्रित सोच की होती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मविश्वास से भरा भारत आज दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।

