VB-G RAM G कानून: कांग्रेस 10 जनवरी से शुरू करेगी MGNREGA बचाओ संग्राम
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VB-G RAM G कानून: कांग्रेस 10 जनवरी से शुरू करेगी 'MGNREGA बचाओ संग्राम'

कांग्रेस का मानना है कि MGNREGA बहाली का अभियान ग्रामीण और गरीबों की आजीविका पर केंद्रित होगा और यह BJP के लिए सीधे ग्रामीण वोट बैंक और रोजगार के मुद्दों पर दबाव बनाने का अवसर है।


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केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को हटाए जाने के दो हफ्ते बाद कांग्रेस पार्टी ने संकेत दिया कि वह सड़कों पर उतरकर इस कानून की बहाली की मांग करेगी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की सोच से जन्मे इस आंदोलन को ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’ का नाम दिया गया है। यह अभियान 10 जनवरी से शुरू होगा, जब पार्टी के नेता देशभर में जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और बताएंगे कि MGNREGA हटाने से उन करोड़ों गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों पर क्या असर पड़ेगा, जिन्हें पिछले दो दशकों से इस योजना के तहत रोजगार मिला है।

जिला से लेकर पंचायत तक प्रदर्शन

पार्टी का कार्यक्रम धीरे-धीरे बढ़ते हुए 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर की चौपालें और व्यापक जनसंपर्क करेगा। 30 जनवरी, महात्मा गांधी की शहादत की वर्षगांठ पर स्थानीय स्तर पर बैठकों और विरोध प्रदर्शन होंगे, जबकि 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। 7 से 15 फरवरी तक कांग्रेस नेताओं द्वारा विधानसभा, राजभवन और केंद्रीय कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 16 से 25 फरवरी तक चार क्षेत्रीय मेगा रैलियां आयोजित की जाएंगी। कांग्रेस ने इसे “अभियान” नहीं बल्कि “संग्राम” कहा है, ताकि यह संदेश जाए कि पार्टी मोदी सरकार के तहत अपने अधिकार-संबंधी कानूनों पर हो रहे लगातार अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा विरोध करने के लिए तैयार है।

MGNREGA की जगह VB-G RAM G

केंद्र ने MGNREGA को हटाकर इसके स्थान पर Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act यानी VB-G RAM G Act लागू किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह कानून न केवल प्रधानमंत्री मोदी की धार्मिक और केंद्रीकृत प्रशासनिक नीतियों का प्रतीक है, बल्कि MGNREGA जैसी गरीब केंद्रित योजना को खत्म करने वाला कदम है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन MGNREGA बहाली के साथ-साथ ग्रामीण और आम जनता की आजीविका को केंद्र में रखते हुए सशक्त आंदोलन के लिए भी एक अवसर है।

प्रियंका गांधी ने की पहल

सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने यह विचार कांग्रेस कार्य समिति की बैठक (CWC) से पहले सुझाया था। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिनमें सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे, ने इस योजना का समर्थन किया और MGNREGA बहाली के लिए संघर्ष का वचन लिया। पार्टी का मानना है कि यदि यह आंदोलन सही ढंग से चलाया गया तो यह कांग्रेस के राजनीतिक और चुनावी प्रभाव को मजबूत करने के साथ-साथ विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक में उसकी केंद्रीय भूमिका को भी बढ़ा सकता है।

विपक्षी दलों का समर्थन जरूरी

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने माना कि यह 45 दिन का अभियान केवल आधा युद्ध है। दूसरी ओर पार्टी को विरोधी दलों को आंदोलन में शामिल करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कुछ विपक्षी दल, जैसे त्रिणमूल कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां MGNREGA बहाली के लिए कांग्रेस के साथ कदम मिलाने में सहज नहीं हो सकते। साथ ही VB-G RAM G एक्ट पर कानूनी चुनौती देने की संभावना भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में यह चुनौती टिक नहीं पाएगी।

MGNREGA बहाली के लिए कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस का मानना है कि MGNREGA बहाली का अभियान ग्रामीण और गरीबों की आजीविका पर केंद्रित होगा और यह BJP के लिए सीधे ग्रामीण वोट बैंक और रोजगार के मुद्दों पर दबाव बनाने का अवसर है। यह योजना पार्टी को राजनीतिक और चुनावी रूप से मजबूती देने के साथ-साथ अपने लोकतांत्रिक और जनहितकारी कार्यों की याद भी दिलाएगी।

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