
PM मोदी के 97 मिनट के भाषण पर भड़का विपक्ष, लगाया 'झूठ और ड्रामे' का बड़ा आरोप
राज्यसभा में पीएम मोदी के संबोधन को कांग्रेस ने बताया 'चुनावी रैली', जयराम रमेश का तीखा हमला- भाषण में सिर्फ अपमान, झूठ और ड्रामेबाजी के अलावा कुछ नहीं था।
Congress Reaction On PM RS Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में दिए गए 97 मिनट के लंबे भाषण के बाद देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस संबोधन को संसद की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए इसे केवल एक "चुनावी रैली" करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अपने लंबे भाषण में देश की ज्वलंत समस्याओं पर बात करने के बजाय केवल विपक्ष को अपमानित करने और अपनी उपलब्धियों का झूठा बखान करने में समय बिताया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट भी किया। विपक्ष का कहना है कि सरकार चर्चा के स्तर को गिरा रही है और महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने से बच रही है।
गालियों और झूठ से भरा था संबोधन: कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण हमेशा की तरह अपमान, विकृतियों और ड्रामेबाजी से भरा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और विपक्ष के खिलाफ 'अशब्दों' का इस्तेमाल किया। जयराम रमेश के अनुसार, प्रधानमंत्री की बातों में केवल आत्म-मुग्धता और डायलॉगबाज़ी की झलक मिलती है। विपक्ष ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में "झूठ का कोटा" पूरा किया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री संसद जैसे गरिमामयी मंच का उपयोग केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए कर रहे हैं।
97 मिनट तक चला 'डायलॉग-बाजी' का दौर
विपक्ष ने प्रधानमंत्री के 97 मिनट के संबोधन को समय की बर्बादी बताया। विपक्षी दलों का कहना है कि इतने लंबे समय तक केवल विपक्ष को नीचा दिखाने की कोशिश की गई। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को केवल अपनी आवाज सुनना पसंद है। वे सदन में विपक्ष के सवालों का सामना करने के बजाय एकतरफा संवाद कर रहे हैं। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि जब वे महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई पर जवाब मांगते हैं, तो प्रधानमंत्री पुरानी सरकारों की गलतियां गिनाकर ध्यान भटकाने लगते हैं। कांग्रेस ने इसे संसदीय लोकतंत्र के लिए एक चिंताजनक संकेत बताया है।
सदन में 'थक गए, भाग गए' वाले बयान पर रार
भाषण के दौरान जब विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया, तो प्रधानमंत्री ने उन्हें 'थक गए, भाग गए' कहकर चिढ़ाया था। इस पर विपक्ष ने और भी कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता, तो वॉकआउट करना ही एकमात्र रास्ता बचता है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सभापति द्वारा उन्हें बोलने से रोका गया, जिसके विरोध में उन्होंने सदन छोड़ा। विपक्ष ने प्रधानमंत्री के '2 किलो गाली' वाले बयान को भी गैर-जिम्मेदाराना बताया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में वे विपक्ष का दमन कर रहे हैं।
जनता को गुमराह कर रही है सरकार
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री ने जो ट्रेड डील और आर्थिक प्रगति के दावे किए हैं, वे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। विपक्ष के अनुसार, सरकार डेटा और आंकड़ों के खेल से जनता को गुमराह कर रही है। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी "आत्म-मुग्धता" से बाहर निकलकर आज के युवाओं और किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सरकार की इस 'ड्रामेबाजी' का पुरजोर विरोध जारी रखेंगे। आने वाले सत्रों में भी विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। जनता के बीच जाकर भी सरकार की इन 'झूठी' उपलब्धियों की पोल खोली जाएगी।
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