नेता प्रतिपक्ष का अपमान? गणतंत्र दिवस परेड में राहुल-खड़गे की सीट को लेकर बवाल
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राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्तव्य पथ पर बनाए गए VIP एन्क्लोजर में तीसरी पंक्ति में बैठे थे।

नेता प्रतिपक्ष का अपमान? गणतंत्र दिवस परेड में राहुल-खड़गे की सीट को लेकर बवाल

कांग्रेस का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी राहुल गांधी को छठी पंक्ति में बैठाया गया था।


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कांग्रेस ने 26 जनवरी को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वीआईपी दीर्घा में आगे की पंक्ति के बजाय पीछे की पंक्ति में सीटें दी गईं, जो एक अपमान है। कांग्रेस ने इस मामले के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल किया कि क्या जानबूझकर पार्टी के शीर्ष नेताओं को नीचा दिखाने के लिए उन्हें फ्रंट रो में स्थान नहीं दिया गया।

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर बनाए गए वीआईपी एन्क्लोजर में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठे देखा गया। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में पार्टी के व्हिप माणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वर्ष 2014 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को उस समय गणतंत्र दिवस परेड में फ्रंट रो में बैठे देखा जा सकता है, जब केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी।

माणिकम टैगोर ने लिखा कि यह 2014 का दृश्य है—देखिए उस समय आडवाणी जी कहां बैठे थे। आज यह प्रोटोकॉल की गड़बड़ी क्यों? क्या मोदी और शाह खड़गे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष का इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस के दिन। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि जनवरी 2014 में लालकृष्ण आडवाणी नेता प्रतिपक्ष नहीं थे। उस समय यह पद भाजपा नेता सुषमा स्वराज के पास था। वरिष्ठ राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल और शालीनता की पूरी तरह से कमी है। शायद आज के समय में इससे अधिक की उम्मीद करना ही ज़्यादा है।

वरिष्ठ लोकसभा सांसद तारीक अनवर ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को परंपरागत रूप से एक विशेष दर्जा प्राप्त होता है और वेस्टमिंस्टर प्रणाली में—जिस पर भारतीय संसदीय व्यवस्था भी आधारित है—इस पद को अक्सर “शैडो प्राइम मिनिस्टर” के समान माना जाता है।

कांग्रेस का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी राहुल गांधी को छठी पंक्ति में बैठाया गया था। इसके बाद 2025 में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी दोनों ने लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले 2018 में भी विवाद हुआ था, जब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छठी पंक्ति में सीट दी गई थी।

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