बजट सत्र के अगले चरण में होगी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, 9 मार्च को संभव
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ओम बिरला ने नियम-कायदों के तहत फिलहाल अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक सदन की कार्यवाही में शामिल होने से दूरी बना ली है।

बजट सत्र के अगले चरण में होगी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, 9 मार्च को संभव

लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिया गया है कि नोटिस की कमियों को दूर कर आगे की कार्रवाई की जाए, ताकि प्रक्रिया नियमों के अनुरूप आगे बढ़ सके।


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संसद के बजट सत्र के बीच विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में खामियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नोटिस में तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के बाद उसमें संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। संभावना है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में, 9 मार्च को इस पर चर्चा हो सकती है।

नोटिस में क्या हैं कमियां?

लोकसभा सचिवालय सूत्रों के हिसाब से मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि विपक्षी सांसदों द्वारा दिए गए नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया है। नियमों के तहत इसे खारिज किया जा सकता था। हालांकि इस पर सचिवालय को निर्देश दिया गया है कि नोटिस की कमियों को दूर कर आगे की कार्रवाई की जाए, ताकि प्रक्रिया नियमों के अनुरूप आगे बढ़ सके।

बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। संशोधित नोटिस मिलने के बाद नियमानुसार इसकी जांच की जाएगी और फिर इसे सूचीबद्ध किया जाएगा।

9 मार्च को हो सकती है बहस

बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही 8 मार्च से दोबारा शुरू होगी। सूत्रों के मुताबिक, 9 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराई जा सकती है।

विपक्ष के आरोप क्या हैं?

कांग्रेस ने 10 फरवरी को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। विपक्ष ने अध्यक्ष पर स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण आचरण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्षी दलों के नेताओं को सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

नोटिस में चार प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न देना, आठ सांसदों का निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर कथित आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमले और स्पीकर का वह बयान, जिसमें उन्होंने कुछ कांग्रेस सांसदों के प्रधानमंत्री की सीट तक जाने की सूचना मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था।

बिरला ने कार्यवाही से बनाई दूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओम बिरला ने फिलहाल अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक सदन की कार्यवाही में शामिल होने से दूरी बना ली है। अविश्वास प्रस्ताव के नियम-कायदों में स्पीकर के लिए ऐसा करना अनिवार्य है। अब सबकी नजरें बजट सत्र के दूसरे चरण पर है, जहां इस प्रस्ताव पर बहस और आगे की प्रक्रिया तय होगी।

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