
LPG संकट के बीच, केरोसीन मुक्त राज्यों में PDS केरोसीन आपूर्ति बहाल
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और 60 दिनों तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा...
केंद्र सरकार ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव के बीच घरेलू खाना पकाने और रोशनी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसीन का अस्थायी (एड-हॉक) आवंटन करने की अनुमति दी है। इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जिन्हें पहले केरोसीन-मुक्त घोषित किया गया था। यह कदम पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला, खासकर एलपीजी (रसोई गैस), के प्रभावित होने के बाद उठाया गया है।
भारत अपनी रसोई गैस की जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 85-90 प्रतिशत खाड़ी देशों से आता है। युद्ध के चलते यह आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में कटौती करनी पड़ी है।
हालांकि उपलब्ध एलपीजी की आपूर्ति में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन सीमित भंडार के कारण घबराहट में खरीदारी और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
मंत्रालय की अधिसूचना
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने देशभर में, उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों सहित जो पहले केरोसीन-मुक्त थे, खाना पकाने और रोशनी के लिए केरोसीन के अस्थायी उपयोग की अनुमति दी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 मार्च की राजपत्र अधिसूचना में पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 और पेट्रोलियम नियम, 2002 के तहत अस्थायी छूट प्रदान की है। ताकि 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में PDS केरोसीन का वितरण सुगम बनाया जा सके।
इस अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो नामित सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMC) के सेवा केंद्र विशेष रूप से कंपनी के स्वामित्व और संचालन वाले को निर्धारित सुरक्षा शर्तों के तहत 5,000 लीटर तक केरोसीन भंडारण की अनुमति दी जाएगी।
छूट के प्रावधान
इन निर्धारित केंद्रों पर केरोसीन उतारने (डिकैंटिंग) के लिए एजेंटों और डीलरों को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है। साथ ही, पहले से लाइसेंस प्राप्त टैंक वाहनों को भी इसके लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यह छूट पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन(PESO) द्वारा जारी सुरक्षा मानकों और संचालन दिशानिर्देशों के सख्त पालन की शर्त पर दी गई है।
भंडारण, डिकैंटिंग और वितरण से जुड़े सभी रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य होगा और उन्हें जिला प्रशासन तथा PESO द्वारा निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 60 दिनों तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
यह अधिसूचना 21 PDS केरोसीन-मुक्त राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगी, जिनमें दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।
अधिसूचना में कहा गया है, “वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में, केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को, जिनमें 21 केरोसीन-मुक्त राज्य/केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, PDS केरोसीन का एड-हॉक आवंटन करने का निर्णय लिया है।” सरकार का कहना है कि इससे घरों तक खाना पकाने और रोशनी के लिए केरोसीन की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

