हरदीप पुरी–एपस्टीन मुलाकात पर घमासान, कांग्रेस ने दागे 6 सवाल
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हरदीप पुरी–एपस्टीन मुलाकात पर घमासान, कांग्रेस ने दागे 6 सवाल

एपस्टीन से कथित संपर्कों पर कांग्रेस ने हरदीप पुरी पर सवाल उठाए। 2014 के ईमेल के हवाले से विवाद बढ़ा, पुरी ने पेशेवर मुलाकात की बात कही।


जेफरी एपस्टीन से जुड़े कथित संपर्कों को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुरी एपस्टीन के अपराधों की गंभीरता को कमतर बताने की कोशिश कर रहे हैं। यह विवाद तब तेज हुआ जब लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर जवाब देते हुए पुरी ने कहा कि वे आठ वर्षों में पेशेवर हैसियत से एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि लाखों ईमेल सार्वजनिक हो चुके हैं और जानकारी पहले से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।

2014 के कथित ईमेल पर विवाद

पवन खेड़ा ने 4 अक्टूबर 2014 के एक कथित ईमेल आदान-प्रदान का हवाला दिया, जिसे अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों का हिस्सा बताया जा रहा है।खेड़ा के मुताबिक, ईमेल में एपस्टीन ने पुरी से पूछा था क्या रीड से मुलाकात हुई? जवाब में पुरी ने कथित तौर पर लिखा कि वे सैन फ्रांसिस्को में एक बैठक के लिए हैं और एपस्टीन से सलाह मांगी। दावे के अनुसार, एपस्टीन ने सुझाव दिया कि रीड हॉफमैन की भारत यात्रा आयोजित करने की पेशकश की जाए, ताकि वे विज्ञान, तकनीक और सोशल नेटवर्किंग क्षेत्र के लोगों से मिल सकें।

खेड़ा के छह सवाल

इन कथित ईमेल के आधार पर पवन खेड़ा ने छह प्रमुख सवाल उठाए:

मुलाकात से पहले ही एपस्टीन को इसकी जानकारी कैसे थी?

क्या वही बैठक तय कराने वाला संपर्क सूत्र था?

पुरी मुलाकात की जानकारी एपस्टीन से क्यों साझा कर रहे थे?

एपस्टीन को ‘दोस्त’ क्यों कहा गया?

वह पुरी के लिए किस भूमिका में था?

यदि संबंध सीमित या औपचारिक था, तो सलाह क्यों मांगी गई?

खेड़ा का दावा है कि शुरुआती संपर्क और समन्वय में एपस्टीन की भूमिका महत्वपूर्ण प्रतीत होती है।

क्या हैं ‘एपस्टीन फाइल्स’?

अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से संबंधित लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए हैं, जिनमें ईमेल, वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं। बताया जाता है कि इन दस्तावेजों में कई प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। हालांकि, किसी दस्तावेज में नाम होने भर से किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता स्वतः सिद्ध नहीं होती।

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