
ई-चालान और 45 दिन की डेडलाइन, बार-बार गलती पर DL पर गाज
नए मोटर वाहन नियमों के तहत एक साल में 5 बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित या रद्द हो सकता है।
Motor Vehicles Rules: सड़कों पर बार-बार लापरवाही बरतने वाले चालकों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन करते हुए नया प्रावधान लागू किया है। इसके तहत यदि कोई चालक एक साल के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। लाइसेंस निलंबित करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन अधिकारी के पास होगा। हालांकि, लाइसेंस रद्द करने से पहले संबंधित अधिकारी को लाइसेंस धारक का पक्ष सुनना अनिवार्य होगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले वर्ष के उल्लंघनों को अगले वर्ष की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी हर कैलेंडर वर्ष में उल्लंघनों की गिनती नए सिरे से होगी।
मामूली गलतियां भी पड़ेंगी भारी
अब तक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान केवल 24 गंभीर अपराधों जैसे वाहन चोरी, अपहरण, तेज रफ्तार या ओवरलोडिंग तक सीमित था। लेकिन नए नियमों के तहत अब हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना और रेड लाइट जंप करना जैसी मामूली दिखने वाली गलतियों को भी गंभीरता से लिया जाएगा। यदि इन नियमों का पांच बार उल्लंघन किया गया, तो लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण संभव होगा।
ई-चालान और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट
अधिसूचना में चालान व्यवस्था को भी स्पष्ट किया गया है। अब वर्दीधारी पुलिसकर्मी या अधिकृत अधिकारी चालान जारी कर सकेंगे। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑटो-जेनरेटेड ई-चालान भी भेजे जाएंगे।चालक को चालान मिलने के बाद 45 दिनों के भीतर जुर्माना भरना होगा या अदालत में उसे चुनौती देनी होगी। यदि 45 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो इसे अपराध की स्वीकृति माना जाएगा।
विशेषज्ञों में बंटी राय
इस नए कानून को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, जबकि कुछ इसे अत्यधिक दमनकारी कदम बता रहे हैं। पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि सीसीटीवी आधारित चालानों में अक्सर विवाद होते हैं। उन्होंने इसके लिए एक स्पष्ट और मजबूत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की आवश्यकता पर जोर दिया।

