
राहुल गांधी के खिलाफ सरकार लाएगी विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव, रिजिजू ने बताई वजह
किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निराधार और असत्य आरोप लगाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के जवाब में अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आने वाला है। ये प्रस्ताव खुद सरकार लाने वाली है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी दी है।
रिजिजू ने कहा है कि सरकार लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान भ्रामक और बेबुनियाद बयान देने के आरोप में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाएगी।
मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निराधार और असत्य आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के गंभीर आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
रिजिजू ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में आरोपों को प्रमाणित करने के लिए स्पष्ट नियम और कार्यप्रणाली निर्धारित है। बिना नोटिस दिए इस तरह के आरोप लगाना नियमों का उल्लंघन है।” उन्होंने बताया कि राहुल गांधी से सदन में दिए गए अपने बयानों और आरोपों को प्रमाणित करने का अनुरोध किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ भी बिना नोटिस के आरोप लगाए, जो विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस संबंध में आवश्यक नोटिस स्पीकर को देगी।
रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने बजट चर्चा में कोई ठोस और रचनात्मक योगदान नहीं दिया।
वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सभी फैसले किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और उनके हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।

