Israel/USA Vs Iran : पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष की आंच अब खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों तक पहुंच गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को एक बेहद दुखद जानकारी साझा करते हुए बताया कि खाड़ी के विभिन्न देशों में अलग-अलग घटनाओं में छह भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। इस संकट की घड़ी में भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और वतन वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय मिशन सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य लापता व्यक्ति को ढूंढना और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मान के साथ भारत लाना है। युद्ध के कारण बाधित हुई उड़ानों के बीच अब सीमित परिचालन शुरू हुआ है, जिससे फंसे हुए भारतीयों की घर वापसी की उम्मीदें जगी हैं।
मृतकों के शवों की वापसी और लापता की तलाश: मिशन मोड में MEA
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय दूतावास हाई अलर्ट पर हैं। असीम महाजन ने कहा, "दुर्भाग्य से छह भारतीयों की जान चली गई है। हम उनके शवों को भारत लाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं।" लापता भारतीय की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। भारत सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव कूटनीतिक और कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया है।
उड़ानों का ताजा अपडेट: 3 लाख भारतीय लौटे वतन
युद्ध के चलते बिगड़े हालात के बीच यात्रा की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक लगभग 3,00,000 भारतीय यात्री खाड़ी देशों से सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।
UAE से उड़ानें: यूएई से गैर-अनुसूचित (Non-scheduled) उड़ानों का संचालन जारी है। आज भी यूएई के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए लगभग 90 उड़ानों के संचालित होने की उम्मीद है।
कतर का एयरस्पेस: कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने से बड़ी राहत मिली है। कतर एयरवेज आज भारत के लिए 10 विशेष व्यावसायिक उड़ानें संचालित कर सकता है।
ओमान और सऊदी: इन दोनों देशों से भारत के लिए विमानों का आवागमन सुचारू रूप से जारी है।
कुवैत और बहरीन में अब भी एयरस्पेस बंद: विशेष इंतजाम
कुवैत और बहरीन में स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि वहां का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद है।
कुवैत के लिए विकल्प: कुवैत में फंसे भारतीयों के लिए सऊदी अरब के अल कयसुमाह-हफर अल बटिन हवाई अड्डे से विशेष उड़ानें शुरू की गई हैं। पहली फ्लाइट आज कुवैत से आए यात्रियों को लेकर कोच्चि पहुंचेगी।
बहरीन के लिए व्यवस्था: बहरीन का एयरस्पेस बंद होने के कारण 'गल्फ एयर' सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे (किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से विशेष उड़ानें संचालित कर रही है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को भारत लाया जा सके।
ऊर्जा संकट और कूटनीतिक पहल पश्चिम एशिया के इस संकट का असर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी चेतावनी दी थी कि लंबा युद्ध भारत के ऊर्जा आयात विकल्पों को सीमित कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले ही एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'अनिवार्य वस्तु अधिनियम' (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कुवैत के राजकुमार से बात कर क्षेत्र में शांति और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की है।