
लोकसभा में जबरदस्त हंगामा, राहुल गांधी से बोले ओम बिरला- मैं आपका सलाहकार नहीं हूं
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दा उठाया जिसपर हंगामा हो गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल के बयान परआपत्ति जताई।
लोकसभा में उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी चीन की घुसपैठ पर बात करना चाहते थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने डोकलाम का नाम लिया, सदन का माहौल गर्म हो गया। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे का जिक्र करते हुए कहा कि डोकलाम इलाके में चीनी सेना के टैंक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह बात एक किताब के आधार पर कही जा रही है। इस पर तुरंत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और राहुल गांधी को चुनौती दी। इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी खड़े हो गए और राहुल गांधी के दावे का विरोध किया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि नेता विपक्ष इस तरह का उल्लेख नहीं कर सकते। स्पीकर ने कई बार राहुल गांधी को समझाया कि वे जनरल नरवणे की जो किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, उसका हवाला न दें। इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा और राहुल गांधी बार-बार उसी बात को दोहराते रहे। माहौल इतना गरमा गया कि राहुल गांधी ने स्पीकर से कहा,“आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है?” इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जवाब दिया, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर सदन में चर्चा हो रही है।” इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोकसभा में लगातार शोर-शराबा होता रहा।
राहुल गांधी के दावे से हंगामा
राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए एक किताब का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस किताब को छपने नहीं दे रही है। राहुल गांधी का कहना था कि डोकलाम से जुड़े ज़रूरी सच को दबाया जा रहा है और सरकार सच्चाई सामने आने से रोक रही है। कारवां मैगजीन से जुड़ी किताब का जिक्र करने के बाद राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की किताब का भी उल्लेख किया। दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह ने सवाल उठाया कि जो किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसका हवाला संसद में कैसे दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कारवां की किताब में तथ्यों को सही तरीके से नहीं दिखाया गया है।
राहुल गांधी के भाषण के दौरान संसद में करीब 45 मिनट तक हंगामा चलता रहा। शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। इस पूरे विवाद के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने साफ शब्दों में कहा कि संसद के नियमों के अनुसार किसी भी अप्रकाशित किताब या अखबार का हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई किताब प्रकाशित हो भी जाए, तो उसे पढ़कर या उसका सीधा संदर्भ देकर सदन में बात करना नियमों के खिलाफ है। स्पीकर ने कहा कि इस बारे में पहले ही सभी सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं।
अखिलेश यादव ने भी रखी अपनी बात
राहुल गांधी की स्पीच को लेकर जब हंगामा बढ़ा, तो समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी अपनी जगह से खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा बहुत संवेदनशील है और इस पर सावधानी से बात करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. लोहिया और मुलायम सिंह यादव भी चीन को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। ऐसे में अगर नेता विपक्ष चीन पर कुछ कहना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने से नहीं रोका जाना चाहिए। दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर किसी किताब के प्रकाशित होने पर रोक लगी है, तो उसका जिक्र संसद में नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे गलत और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया।
राहुल गांधी बार-बार इसी मुद्दे पर बोलने की कोशिश करते रहे, लेकिन सदन में लगातार शोर-शराबा होता रहा। राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी किताब का हवाला देने पर आपत्ति जताई, जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है। राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश करते रहे और बार-बार स्पीकर उन्हें टोकते रहे आखिरकार मामला इतना बढ़ गया कि राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कहा, “आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है।” इस पर स्पीकर ने उन्हें समझाते हुए कहा, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर सदन में चर्चा हो रही है।” हालांकि इस घटना के कुछ ही मिनटों के बाद लोकसभा को स्थगित कर दिया गया।

