
विधानसभा, राज्यसभा और पंचायत, 2026 में लोकतंत्र का फुल टेस्ट
साल 2026 में विधानसभा, बीएमसी, राज्यसभा और पंचायत चुनाव देश की राजनीति तय करेंगे और 2029 लोकसभा चुनाव की दिशा भी निर्धारित करेंगे।
India Elections 2026: साल 2025 अब बीत चुका है और नए साल 2026 के साथ ही देश की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगने जा रही है। सियासी नजरिए से 2026 को एक अहम और निर्णायक चुनावी वर्ष माना जा रहा है। यह साल न सिर्फ कई राज्यों की सत्ता का फैसला करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और दशा पर भी दूरगामी असर डालेगा।
साल की शुरुआत महाराष्ट्र की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत 29 महानगर निगमों के चुनावों से हो रही है। इसके बाद दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक विधानसभा चुनावों की लंबी श्रृंखला देखने को मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इन चुनावों में असली परीक्षा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या एनडीए से ज्यादा विपक्षी गठबंधन की होने वाली है।
पूरे साल चलेगा चुनावी सिलसिला
2026 को पूरी तरह चुनावी वर्ष कहना गलत नहीं होगा। इस साल पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और असम से लेकर दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होंगे। इसके अलावा अप्रैल से नवंबर 2026 के बीच देश की 75 राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव कराए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इन सभी चुनावों के नतीजे न केवल राज्यों की राजनीतिक बिसात तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की तस्वीर को भी काफी हद तक स्पष्ट करेंगे। राजनीतिक दलों की आक्रामक बयानबाजी, योजनाओं के ऐलान और रणनीतिक दौरों ने पहले ही इन राज्यों में चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है।
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
साल 2026 में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में 126 सीटें, केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294 और पुदुचेरी में 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की 75 राज्यसभा सीटें अप्रैल, जून और नवंबर 2026 के बीच खाली होंगी। इनमें उत्तर प्रदेश की 10, बिहार की 5, महाराष्ट्र की 7 और राजस्थान व मध्य प्रदेश की 3-3 सीटें शामिल हैं। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा चुनाव होंगे।महाराष्ट्र में मुंबई की बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव भी इसी साल कराए जाएंगे।
उपचुनाव और निकाय चुनावों की अहमियत
2026 में कई राज्यों में विधानसभा उपचुनाव भी होंगे। मौजूदा विधायकों के निधन के चलते गोवा की पोंडा, कर्नाटक की बागलकोट, उत्तर प्रदेश की घोसी, महाराष्ट्र की राहुरी, मणिपुर की ताडुबी और नागालैंड की कोरिडांग सीट पर उपचुनाव कराए जाएंगे। स्थानीय निकाय चुनाव भी इस साल बेहद अहम रहेंगे। महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2026 तक सभी निकाय चुनाव पूरे कराने का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 में होंगे, जिनमें ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के चुनाव शामिल हैं। इन्हें 2027 के विधानसभा चुनावों की बड़ी रिहर्सल माना जा रहा है।
बंगाल में ममता बनर्जी की अग्निपरीक्षा
पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अप्रैल–मई 2026 में चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य की 294 सीटों में से 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी। 2011 से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने की कोशिश में होंगी। वहीं भाजपा किसी भी सूरत में सत्ता परिवर्तन चाहती है। कांग्रेस और वाम दलों के लिए यह चुनाव राजनीतिक अस्तित्व बचाने की लड़ाई बन चुका है।
तमिलनाडु में एमके स्टालिन के सामने बड़ी चुनौती
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। 2021 में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने 234 में से 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस ने गठबंधन में 18 सीटें हासिल की थीं। इस बार मुकाबला और रोचक हो गया है क्योंकि डीएमके और AIADMK के अलावा अभिनेता थलपति विजय की पार्टी ‘तमिलागा वेट्ट्री कज़गम’ भी मैदान में है। इससे चुनाव त्रिकोणीय हो गया है और स्टालिन के लिए सत्ता दोहराना आसान नहीं होगा।
केरल में UDF बनाम LDF की निर्णायक जंग
केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और अप्रैल–मई में चुनाव संभावित हैं। 2021 में वाम मोर्चा (एलडीएफ) ने 99 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन अगर तीसरी बार सत्ता में लौटते हैं तो यह ऐतिहासिक होगा। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल जैसे नेताओं की सक्रियता से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
असम में भाजपा की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी?
असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। भाजपा 2016 से सत्ता में है और लगातार तीसरी जीत की कोशिश में जुटी है। 2021 में एनडीए ने 75 सीटों के साथ सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं।मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा के सामने बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाला मुस्लिम फ्रंट भी एक अहम चुनौती बना हुआ है।
पुदुचेरी में एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक
केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में मई–जून 2026 में विधानसभा चुनाव होंगे। 2021 में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस और भाजपा गठबंधन ने 30 में से 16 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। कांग्रेस महज दो सीटों पर सिमट गई थी। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व में एनडीए सत्ता बचाने की कोशिश करेगा, जबकि इंडिया ब्लॉक वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकेगा।
2026 का चुनावी साल केवल राज्यों की सरकारें तय करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों की नींव भी रखेगा। यह साल भारतीय राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

