
Iran-Isreal War का भारत पर क्या होगा असर, जानिए कौन-कौन सी चीज़ें होंगी महंगी?
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के 30 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल समेत अमेरिका के सात सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। भारत के लिए यह स्थिति कई तरह से चुनौतीपूर्ण है।
Isreal-Iran Tensions Impact on India: ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब खुली जंग में बदलता दिख रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई देश सीधे या परोक्ष रूप से इसमें शामिल हो चुके हैं। पहले इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के 30 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल समेत अमेरिका के सात सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन में मौजूद ठिकानों पर भी मिसाइलें दागी हैं।
इस संघर्ष में अब सात से आठ देश शामिल हो चुके हैं। ईरान मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को लगातार निशाना बना रहा है। वहीं लेबनान और यमन के हूती विद्रोही भी ईरान के समर्थन में हमले कर रहे हैं। इजरायल पर कई दिशाओं से हमले हो रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह जंग कितनी लंबी चलेगी और कितनी भयानक हो सकती है। इस तनाव का असर सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। खासकर भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है।
कच्चे तेल की कीमत में होगी भारी बढ़ोतरी!
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल (Crude Oil) को लेकर है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता बंद हो सकता है। यह समुद्री रास्ता दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए लाइफलाइन माना जाता है।
अगर यह रास्ता ब्लॉक हुआ, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। शुक्रवार को ही कच्चा तेल करीब 2.78% बढ़कर 67.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया था। सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो इसमें और भी बड़ा उछाल आने की आशंका है, जिसका सीधा असर आपकी जेब और देश की महंगाई दर पर पड़ेगा।
सोमवार को मच सकता है कोहराम
युद्ध की खबरों का सबसे बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। निवेशकों में डर का माहौल है। पिछले शुक्रवार को ही जब बातचीत बेनतीजा रही थी, तो सेंसेक्स 961 अंक और निफ्टी 317 अंक लुढ़क कर बंद हुए थे। बाजार के जानकारों का कहना है कि सोमवार को दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा सकती है। अगर ईरान-इजरायल तनाव कम नहीं हुआ, तो भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के अरबों रुपये डूब सकते हैं।
सोना और चांदी की कीमतों में आएगा उछाल
जब भी दुनिया में अनिश्चितता या युद्ध का माहौल होता है, तो लोग शेयर और करेंसी से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं। सोना और चांदी हमेशा से 'सेफ एसेट' रहे हैं।
सोने की वर्तमान स्थिति: अभी 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,61,971 रुपये है।
चांदी की स्थिति: चांदी 2,74,389 रुपये के स्तर पर है।
आने वाले दिनों में इन कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई पर पहुँच सकते हैं। कॉपर और अन्य कमोडिटीज में भी उछाल आने की पूरी उम्मीद है। यह युद्ध केवल दो देशों की सीमा तक सीमित नहीं रहा है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और आम आदमी के बजट को प्रभावित करने वाला है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अभी जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखें।
पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। अगर युद्ध लंबा खिंचता है और यह समुद्री रास्ता बाधित होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $80 से $90 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ऐसे में भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
खाने-पीने की चीजें और ट्रांसपोर्टेशन
जब डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है। फल, सब्जियां, अनाज और दूध जैसी रोजमर्रा की चीजों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाना महंगा हो जाएगा। ऐसे में खाने-पीने की चीज़ों के दाम काफी तेजी से बढ़ सकते हैं।

