
युवा मतदाताओं से वोट डलवाने की लगी होड़, मुफ्त यात्रा और भोजन सुविधा
केरल चुनाव के दौरान बेंगलुरु से मतदाताओं को घर लाने के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। इसके लिए कई तरह की लुभावनी सुविधाएं वोटर्स को दी जा रही हैं..
केरल विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बेंगलुरु में भारी हलचल देखी जा रही है। शहर के प्रमुख बस अड्डों जैसे कलसीपाल्या, शांतिनगर और मदीवाला में हजारों केरलवासियों की भीड़ उमड़ रही है। ये वे लोग हैं जो बेंगलुरु में नौकरी या व्यापार करते हैं लेकिन अपना वोट डालने के लिए वापस अपने राज्य जा रहे हैं। खास बात यह है कि राजनीतिक दल एक-एक वोट सुरक्षित करने के लिए इन मतदाताओं को मुफ्त यात्रा और भोजन की सुविधा देकर प्रोत्साहित कर रहे हैं।
केरल विधानसभा चुनावों में जहां जीत-हार का फैसला महज 100 से 500 वोटों के बेहद कम अंतर से होने की संभावना है, वहां एक-एक मतदाता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यही कारण है कि मतदान के लिए बेंगलुरु से केरल जाने वाले लोगों की संख्या चुनाव परिणामों पर गहरा असर डाल सकती है। इन यात्रियों में केवल युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी तादाद में शामिल हैं, जो अपना लोकतांत्रिक अधिकार निभाने के लिए उत्साहित हैं।
बेंगलुरु के बस अड्डों पर बढ़ी हलचल
केरल विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू होते ही बेंगलुरु के प्रमुख बस स्टैंड गतिविधियों का केंद्र बन गए हैं। कलसीपाल्या, शांतिनगर, मदीवाला, मैजेस्टिक और केंगेरी जैसे इलाकों में शहर में रहकर काम करने वाले हजारों केरलवासियों का जमावड़ा लगा है। ये लोग किराए की उन बसों में सवार होकर अपने गृह राज्य लौट रहे हैं, जिनकी व्यवस्था विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की गई है। दल इस बात को लेकर बेहद सतर्क हैं कि कोई भी वोट उनसे छूट न जाए, इसलिए वे इन मतदाताओं को घर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
एक जागरूक और निर्णायक वोट बैंक
बेंगलुरु में केरल की एक बड़ी आबादी बसती है, जिसमें आईटी कर्मचारी, नर्स और व्यापारी शामिल हैं। ये लोग राजनीतिक रूप से काफी जागरूक माने जाते हैं और इनमें से कई ने अपने घरेलू निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अपना नाम बरकरार रखा है। अनुमान है कि केरल की लगभग प्रत्येक सीट पर करीब 1,000 से 2,000 ऐसे मतदाता हैं जो बेंगलुरु में कार्यरत हैं। चुनावी समीकरणों को देखते हुए यह संख्या निर्णायक साबित हो सकती है। जानकारी के अनुसार, इनमें से अधिकांश बसें उत्तर और मध्य केरल की ओर भेजी जा रही हैं।
पार्टी समर्थकों का प्रबंधन
कांग्रेस, माकपा और भाजपा जैसे दलों के समर्थकों ने इन मतदाताओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और भोजन का प्रबंध किया है। ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के संजय एलेक्स ने बताया कि ये व्यवस्थाएं सीधे पार्टी मशीनरी के बजाय समर्थकों और संगठनों द्वारा की जा रही हैं। उनके मुताबिक, 2,000 से अधिक केरलवासियों के बस या कार से यात्रा करने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि घर लौटने वालों में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की संख्या काफी अधिक है।
समन्वय के आधुनिक तरीके
मतदाताओं की पहचान गूगल फॉर्म के माध्यम से की गई थी, और कर्नाटक से किराए पर ली गई ये बसें केरल सीमा पर नियत करों का भुगतान करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से हो रहा है, जहां बस की टाइमिंग और पिक-अप पॉइंट की रीयल-टाइम अपडेट दी जा रही है। चूंकि मतदान गुरुवार को है, इसलिए अधिकांश लोग बुधवार को रवाना हो रहे हैं, जबकि कुछ लोग मंगलवार को ही निकल चुके हैं। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है, जहां वाम मोर्चा अपनी सत्ता बचाने, कांग्रेस प्रासंगिकता बनाए रखने और भाजपा तीसरी शक्ति बनने के लिए संघर्ष कर रही है।

