
पश्चिम एशिया संघर्ष से LPG आपूर्ति प्रभावित, लेकिन देश में कमी नहीं: सरकार
केंद्र का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घबराहट में बुकिंग के बावजूद डिलीवरी सामान्य बनी हुई है।
सरकार ने मंगलवार (24 मार्च) को कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ा है, जिसने महत्वपूर्ण Strait of Hormuz के जरिए ईंधन आपूर्ति को प्रभावित किया है।
डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर कोई कमी नहीं
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) Sujata Sharma ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कहीं भी स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं है और पर्याप्त भंडार मौजूद है।
उन्होंने कहा,“मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के कारण LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन काफी कार्गो रास्ते में हैं और कहीं भी ड्राई आउट की स्थिति नहीं है। कल कुछ जगहों पर घबराहट में बुकिंग (panic booking) देखी गई, लेकिन डिलीवरी सामान्य रही। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पर्याप्त है। घरेलू उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर मिल रहे हैं और PNG की आपूर्ति 100% बनी हुई है।
हॉर्मुज़ पार कर भारत आ रहे टैंकर
केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय ने जानकारी दी कि सोमवार देर शाम दो भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर Strait of Hormuz पार कर भारत की ओर रवाना हो गए।
विशेष सचिव Rajesh Sinha ने बताया,“Pine Gas और Jag Vasant नाम के दोनों जहाज LPG से भरे हुए हैं और सुरक्षित रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की सूचना नहीं है और सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।”
Pine Gas: 45,000 मीट्रिक टन LPG, आगमन – 27 मार्च (न्यू मैंगलोर पोर्ट)
Jag Vasant: 47,600 मीट्रिक टन LPG, आगमन – 26 मार्च (कांडला)
इन दोनों जहाजों के निकलने के बाद फारस की खाड़ी में अब भी 20 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें 540 भारतीय नाविक सवार हैं। किसी भी बंदरगाह पर भीड़ या बाधा की सूचना नहीं है।
विदेश मंत्रालय की सक्रियता बढ़ी
पश्चिम एशिया संकट को लेकर भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, खासकर ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर चर्चा की।
इसके अलावा, श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी बातचीत हुई, जिसमें इस संघर्ष के प्रभावों पर चर्चा की गई।
जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री ने “Neighbourhood First” और “Mission MAHASAGAR” के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
साथ ही, उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री ने दिल्ली में गल्फ कॉपरेशन कौंसिलl (GCC) के राजदूतों से मुलाकात कर पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की और क्षेत्र में भारतीय समुदाय को सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

