मार्क टली का निधन: भारत की आवाज खामोश, 90 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
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मार्क टली का निधन: भारत की आवाज खामोश, 90 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

दिग्गज पत्रकार और पद्म भूषण सम्मानित मार्क टली का दिल्ली में निधन। बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ लंबे समय से बीमार थे। मैक्स अस्पताल में ली अंतिम सांस।


Mark Tully's Obituary : भारत के प्रख्यात इतिहासकार और दिग्गज पत्रकार मार्क टली का निधन हो गया है। उन्होंने रविवार दोपहर दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में अंतिम सांस ली। टली 90 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे पिछले एक हफ्ते से वहां इलाज करा रहे थे। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी दोस्त सतीश जैकब ने की है। मार्क टली भारत और दुनिया भर में पत्रकारिता का एक बड़ा नाम थे। उन्होंने अपनी लेखनी और रिपोर्टिंग से भारत की गहराई से समझी जाने वाली तस्वीर पेश की। उनके जाने से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। वे केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि भारत के एक सच्चे इतिहासकार भी थे।


दोस्त ने दी निधन की जानकारी

टली के करीबी दोस्त और दिग्गज पत्रकार सतीश जैकब ने यह दुखद जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मार्क टली का देहांत मैक्स अस्पताल, साकेत में हुआ। वे पिछले एक हफ्ते से वहां भर्ती थे। जैकब ने पीटीआई को बताया कि टुली ने आज दोपहर अंतिम सांस ली। वे अपनी बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे थे। उनका जाना पत्रकारिता के एक स्वर्ण युग का अंत माना जा रहा है।

कोलकाता से बीबीसी तक का सफर

मार्क टली का जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता (तब कलकत्ता) में हुआ था। उनका भारत के साथ जन्म और कर्म दोनों का रिश्ता रहा। वे 22 सालों तक बीबीसी नई दिल्ली के ब्यूरो चीफ रहे। उन्होंने भारत की कई ऐतिहासिक घटनाओं को दुनिया तक पहुंचाया। प्रख्यात लेखक टली बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम 'समथिंग अंडरस्टूड' (Something Understood) के प्रस्तुतकर्ता भी थे। उनकी आवाज और विश्लेषण को लोग बहुत पसंद करते थे।

पद्म भूषण और नाइटहुड से सम्मानित

पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कार मिले। साल 2002 में उन्हें नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने भी उनकी सेवाओं को मान्यता दी। साल 2005 में उन्हें प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान मिला। यह सम्मान भारत के प्रति उनके प्रेम और समझ को दर्शाता है। वे एक ऐसे विदेशी पत्रकार थे जिन्हें भारत ने अपना माना।

मशहूर किताबें और लेखन

टली ने भारत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। उनकी लेखनी में भारत की आत्मा बसती थी। उनकी प्रसिद्ध किताबों में 'नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया' शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 'इंडिया इन स्लो मोशन' भी लिखी। 'द हार्ट ऑफ इंडिया' उनकी एक और चर्चित किताब है। इन किताबों के जरिए उन्होंने भारत की सामाजिक और राजनीतिक नब्ज को टटोला। वे भारत के एक बेहतरीन क्रॉनिकलर (इतिहासकार) माने जाते थे।


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