सिर्फ मोदी और ट्रंप ने की थी चर्चा, मस्क का कोई रोल नहीं, विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
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सिर्फ मोदी और ट्रंप ने की थी चर्चा, मस्क का कोई रोल नहीं, विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

भारत के विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल में एलन मस्क भी मौजूद थे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत को लेकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। खासकर अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) की उस रिपोर्ट ने सनसनी मचा दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि इस हाई-प्रोफाइल फोन कॉल के दौरान दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क भी मौजूद थे। अब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन खबरों पर आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी है।

विदेश मंत्रालय ने दावों को किया खारिज

शनिवार, 28 मार्च को विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 24 मार्च को हुई यह टेलीफोनिक बातचीत केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ही थी। मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का खंडन करते हुए साफ किया कि इन दोनों नेताओं के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति इस बातचीत का हिस्सा नहीं था।

एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमने रिपोर्ट देखी है। 24 मार्च को हुई टेलीफोन पर बातचीत केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच थी। जैसा कि पहले भी बताया गया है, यह बातचीत पश्चिम एशिया (West Asia) की स्थिति पर विचारों के आदान-प्रदान का एक अवसर था।"

क्या था न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा?

शुक्रवार को आई न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि मस्क इस कॉल के दौरान मौजूद थे। रिपोर्ट में इसे एक "असामान्य मामला" बताया गया था, क्योंकि आमतौर पर दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच होने वाली आधिकारिक बातचीत में किसी निजी व्यक्ति (Private Individual) का शामिल होना प्रोटोकॉल के खिलाफ माना जाता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया था कि मस्क की मौजूदगी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनके बदलते रिश्तों और बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर जब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मस्क की मौजूदगी पर सीधा जवाब देने के बजाय कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी के साथ बेहतरीन संबंध हैं और यह एक बहुत ही सकारात्मक और सार्थक बातचीत थी।" उन्होंने कॉल की गोपनीयता बनाए रखते हुए मस्क के नाम पर न तो हां कहा और न ही इनकार किया, जिससे रहस्य और गहरा गया था।

पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा

भले ही मस्क के नाम को लेकर विवाद खड़ा हुआ, लेकिन इस कॉल का मुख्य उद्देश्य बेहद गंभीर था। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संकट पर विस्तार से चर्चा की थी। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, और यहाँ जारी संघर्ष भारत और अमेरिका दोनों की चिंताओं का विषय है।

भारत सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद अब उन अटकलों पर विराम लग गया है जिनमें मस्क को कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा बताया जा रहा था। यह साफ है कि भारत और अमेरिका के बीच शीर्ष स्तर पर संवाद सीधा और आधिकारिक रहा है।

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