
NSA डोवाल की अमेरिका यात्रा की खबरों पर सरकार का जवाब; बताया क्या है सच ?
विदेश मंत्रालय ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें दावा था कि अजीत डोवाल ने मार्को रूबियो से मुलाकात की, ट्रेड डील और रिश्तों पर कही ये बड़ी बात।
MEA On Ajit Doval : भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल की अमेरिका यात्रा से जुड़ी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि डोवाल ने वाशिंगटन का कोई दौरा नहीं किया है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया में यह दावा किया जा रहा था कि डोवाल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलने गए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में इन रिपोर्टों को आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी मुलाकात या यात्रा का कोई आधार नहीं है। यह स्पष्टीकरण उन अटकलों को खत्म करने के लिए दिया गया है जो दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कम करने के प्रयासों से जुड़ी थीं।
क्या था ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अजीत डोवाल ने वाशिंगटन की गुप्त यात्रा की है। रिपोर्ट के अनुसार, डोवाल ने वहां मार्को रूबियो से द्विपक्षीय तनाव कम करने पर चर्चा की। इसमें यह भी कहा गया था कि भारत व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है। रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला दावा था कि डोवाल ने रूबियो से कहा कि भारत किसी दबाव में नहीं आएगा। दावा किया गया कि भारत ट्रंप प्रशासन की सार्वजनिक आलोचना को कम कराना चाहता है। हालांकि, भारत सरकार ने अब इन सभी दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत और गलत करार दिया है।
भारत-अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील
भले ही डोवाल की यात्रा की खबर गलत हो, लेकिन दोनों देशों ने व्यापार के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसी सप्ताह भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते (Trade Deal) की घोषणा की है। इस समझौते के तहत भारतीय आयात पर लगने वाले शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। करीब एक साल से चल रही बातचीत के बाद यह सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील की पुष्टि की है। इससे 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस समझौते को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना "प्रिय मित्र" बताते हुए कहा कि यह व्यापारिक रिश्तों के लिए एक शानदार कदम है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने दावा किया कि भारत अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य करने पर सहमत हुआ है। ट्रंप के अनुसार, भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद में भी भारी बढ़ोतरी का वादा किया है। इसमें ऊर्जा, तकनीक और कृषि क्षेत्र के उत्पाद शामिल होंगे।
ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र में बड़ा निवेश
ट्रंप के मुताबिक, भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें कोयला, कृषि उत्पाद और उच्च तकनीक शामिल होगी। हालांकि, इस समझौते के विस्तृत विवरण का अभी भी इंतजार है। फिलहाल भारत ने केवल 18 प्रतिशत शुल्क कटौती की ही पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय का ताजा बयान यह दर्शाता है कि भारत कूटनीतिक स्तर पर बेहद सतर्क है। सरकार नहीं चाहती कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के कोई भी भ्रामक जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले। फिलहाल, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
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