
लेह हिंसा के महीनों बाद सरकार का यू-टर्न, सोनम वांगचुक की NSA हिरासत खत्म करने का लिया फैसला
लेह प्रदर्शन केस में सोनम वांगचुक की हिरासत खत्म करने का गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है. लद्दाख में शांति के लिए ये कदम उठाया गया है.
केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की नजरबंदी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत रद्द करने का फैसला किया है. यह फैसला लेह में हुई हिंसा के कई महीनों बाद लिया गया है. गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (National Security Act) के तहत उपलब्ध अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का निर्णय लिया है.
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने कहा कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत हो सके. इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है. केंद्र सरकार ने कहा कि पिछले साल सितंबर में लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की नजरबंदी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.
बयान में कहा गया कि लगातार बंद और विरोध प्रदर्शन के माहौल ने समाज की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और इसका असर छात्रों, नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, कारोबारियों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटकों और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.
वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया था. सरकार ने कहा कि हिंसक प्रदर्शनों के बाद “कानून-व्यवस्था बनाए रखने” के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया था.

