टोल पर कैश बंद, FASTag नहीं तो देना होगा 25% ज्यादा शुल्क
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टोल पर कैश बंद, FASTag नहीं तो देना होगा 25% ज्यादा शुल्क

टोल प्लाजा अब पूरी तरह कैशलेस हो गए हैं, FASTag न होने पर 25% ज्यादा भुगतान करना होगा और नियम तोड़ने पर जुर्माना व पेनल्टी भी लगेगी।


अगर आपके पास FASTag नहीं है या आपने इसे समय पर रिचार्ज नहीं कराया है, तो तुरंत यह काम कर लें। 10 अप्रैल से देशभर के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नए नियम लागू हो गए हैं, जिनके तहत कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल भुगतान के लिए FASTag मुख्य माध्यम बन गया है।

टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट बंद

सरकार ने ट्रैफिक जाम कम करने और टोल वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कैश पेमेंट खत्म कर दिया है। इससे अब टोल प्लाजा पर बिना रुके गाड़ियों की आवाजाही होगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा।

FASTag नहीं है तो क्या करें?

अगर आपके वाहन में FASTag नहीं है, तो आप UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको टोल राशि का 1.25 गुना (25% ज्यादा) देना होगा। इसलिए अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए FASTag लगवाना बेहतर है।

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

ब्लैकलिस्टेड FASTag या कम बैलेंस होने पर दोगुना टोल देना पड़ सकता है

डिजिटल पेमेंट न करने पर ई-नोटिस जारी होगा

3 दिन में भुगतान न करने पर राशि दोगुनी हो जाएगी

15 दिन तक भुगतान लंबित रहने पर वाहन से जुड़ी सेवाओं (ट्रांसफर, फिटनेस) पर असर पड़ सकता है

जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को वाहन रोकने या हटाने का अधिकार भी होगा

टोल चार्ज में भी बदलाव

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल दरों में भी संशोधन किया गया है।वैध FASTag धारकों को सामान्य टोल देना होगा FASTag का सालाना पास 75 रुपए बढ़कर 3,075 रुपए हो गया है। यह पास कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए होता है। अब टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो गए हैं। ऐसे में बिना परेशानी सफर के लिए FASTag लगवाना या समय पर रिचार्ज करना जरूरी है।

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