स्विस रिपोर्ट: 88 घंटे की जंग में भारत ने पाक को कैसे हराया?
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स्विस रिपोर्ट: 88 घंटे की जंग में भारत ने पाक को कैसे हराया?

मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा। जानिए कैसे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर उसे युद्धविराम के लिए मजबूर किया।


Operation Sindoor : स्विट्जरलैंड के एक प्रतिष्ठित थिंक टैंक ने भारत-पाक युद्ध पर बड़ा खुलासा किया है। यह रिपोर्ट मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन ने दक्षिण एशिया का समीकरण बदल दिया। यह हवाई युद्ध केवल 88 घंटे तक चला था। इसमें भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज ने यह रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि भारत ने कैसे हवाई श्रेष्ठता हासिल की। पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम भारत के सामने पूरी तरह फेल हो गया था। शुरुआत में पाकिस्तान ने भारत को कुछ नुकसान जरूर पहुँचाया था। लेकिन अंत में भारत की रणनीतिक और सैन्य ताकत की जीत हुई। आइए जानते हैं कि उस 88 घंटे की जंग में क्या हुआ था।


पहलगाम हमले के बाद भारत का एक्शन

यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। वहां पर्यटकों पर हुए हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े थे। भारत सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी थी। मकसद सिर्फ बदला लेना नहीं था। भारत भविष्य के हमलों को रोकना चाहता था। चाहे इसके लिए परमाणु संपन्न पड़ोसी से तनाव ही क्यों न बढ़े।

7 मई की सुबह और पहला हमला

भारतीय वायु सेना ने 7 मई की सुबह पहला बड़ा हमला बोला। निशाने पर जैश और लश्कर के प्रमुख ठिकाने थे। बहावलपुर और मुरीदके में आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया गया। भारत ने इसके लिए लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया। स्विस रिपोर्ट मानती है कि यह हमला बहुत घातक था। इसमें भारत की तीनों सेनाओं का बेहतरीन तालमेल दिखा।

पाकिस्तान का पलटवार और भारत को झटका

शुरुआत में पाकिस्तान ने भी आक्रामक जवाब दिया था। आसमान में 60 भारतीय और 40 पाकिस्तानी विमान आमने-सामने थे। चीन की PL-15 मिसाइलों ने भारत को नुकसान पहुँचाया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एक राफेल और मिराज विमान खो दिया। इससे पाकिस्तान को प्रोपेगेंडा फैलाने का मौका मिल गया। उस समय लगा कि पाकिस्तान बढ़त बना रहा है।

भारत ने ऐसे पलटी बाजी

शुरुआती झटके के बाद भारत ने रणनीति बदल दी। भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निशाना बनाया। इसमें स्काल्प-ईजी और ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। भारत ने कई दिशाओं से एक साथ हमले किए। इससे पाकिस्तान का रडार सिस्टम और मिसाइल नेटवर्क बिखर गया। पाकिस्तानी सेना को समझ ही नहीं आया कि बचाव कैसे करें।

पाकिस्तानी रनवे और ठिकानों पर कहर

सुरक्षा कवच टूटते ही भारत ने हवाई अड्डों पर बमबारी शुरू की। स्विस रिपोर्ट ने इसे 'शानदार' हमला बताया है। पाकिस्तान के रनवे और बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए। पाकिस्तानी वायु सेना उड़ने लायक ही नहीं बची। भारत के 'आकाशतीर' सिस्टम ने दुश्मनों को रोक दिया। पाकिस्तान चाहकर भी अब हमला नहीं कर पा रहा था।

10 मई: युद्धविराम और भारत की जीत

10 मई तक युद्ध की तस्वीर साफ हो चुकी थी। पाकिस्तान अब हवा में मुकाबला करने की हालत में नहीं था। भारत ने आसमान पर पूरा कंट्रोल कर लिया था। इसके बाद इस्लामाबाद को मजबूरन युद्धविराम मांगना पड़ा। रिपोर्ट कहती है कि यह भारत की निर्णायक जीत थी। इसने साबित किया कि भारत अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है।


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