EU के भारत दौरे पर बोले पीएम मोदी, साल के अंत तक FTA को अंतिम रूप देने की कोशिश
x

EU के भारत दौरे पर बोले पीएम मोदी, साल के अंत तक FTA को अंतिम रूप देने की कोशिश

PM Narendra Modi ने कहा कि यह न केवल यूरोपीय आयोग का भारत का पहला दौरा है, बल्कि यह किसी भी देश में आयोग की पहली ऐसी व्यापक साझेदारी है.


EU visit India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष और आयुक्तों का भारत दौरा इस वर्ष के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से हो रहा है. यह समझौता वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का सबसे बड़ा होगा. जो व्यापार, प्रौद्योगिकी और समावेशी विकास पर केंद्रित होगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह न केवल यूरोपीय आयोग का भारत का पहला दौरा है, बल्कि यह किसी भी देश में आयोग की पहली ऐसी व्यापक साझेदारी है. यह आयोग के नए कार्यकाल का पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी है. भारत और यूरोपीय संघ के बीच दो दशकों से अधिक की सामरिक साझेदारी स्वाभाविक और गहरी है. जो विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने कल विभिन्न मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की और हमारी टीमों को आपसी लाभ के लिए मुक्त व्यापार समझौते पर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसे इस वर्ष के अंत तक पूरा किया जा सके.

विकास परियोजनाओं पर सहयोग

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत और यूरोपीय संघ मिलकर इंडो-पैसिफिक और अफ्रीका में सतत और समावेशी विकास के लिए "त्रिकोणीय विकास परियोजनाओं" पर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि हम दोनों पक्षों में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए सहमति है, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में. हम EU के Indo-Pacific Oceans Initiative में शामिल होने के निर्णय का स्वागत करते हैं.

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और EU के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता "इस प्रकार का सबसे बड़ा समझौता" होगा. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह आसान नहीं होगा. लेकिन सही समय और दृढ़ संकल्प से इसे पूरा किया जा सकता है. EU और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया में सबसे बड़ा समझौता होगा और हम इसे इस वर्ष के अंत तक पूरा करने की दिशा में काम करेंगे.

भूराजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उच्च-शुल्क नीति का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख करते हुए उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि 27 देशों का यह ब्लॉक और भारत दोनों ही "भूराजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों" का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष प्रमुख शक्तियों के "आक्रामक रुख" का सामना कर रहे हैं. लेकिन वे एक मजबूत साझेदारी के लिए तैयार हैं. EU और भारत की साझेदारी सदी की परिभाषित साझेदारियों में से एक बन सकती है. यह साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, रक्षा और कनेक्टिविटी पर आधारित होगी. बैटरियां, फार्मास्यूटिकल्स, चिप्स और स्वच्छ हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

Read More
Next Story