
बदल गया पीएमओ का पता, पीएम मोदी ने 'सेवातीर्थ' से शुरू किया काम, पहला फैसला ये लिया
अब ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही छत के नीचे काम करेंगे। पहले ये अलग-अलग स्थानों से संचालित होते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय के लिए बनाए गए नए भवन परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ घोषित किया। यह भारत के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन 1 व 2’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और परिसर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
सरकार ने कहा कि यह उद्घाटन भारत की शासन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह प्रधानमंत्री के आधुनिक, दक्ष और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक तंत्र के विज़न को दर्शाता है।
नामों में हुए प्रमुख बदलाव
‘सेवा तीर्थ’ नामकरण 2014 के बाद से सरकार द्वारा औपनिवेशिक काल के नामों को बदलने की व्यापक पहल का हिस्सा है। मौजूदा सरकार अब तक नामों में जो बदलाव कर चुकी है, उनमें प्रमुख हैं साउथ ब्लॉक को सेवा तीर्थ बनाना, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट को कर्तव्य भवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और राज भवन/राज निवास को लोक भवन/लोक निवास में बदलना।
क्या बदला?
अब ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही छत के नीचे काम करेंगे। पहले ये अलग-अलग स्थानों से संचालित होते थे।
‘कर्तव्य भवन 1 और 2’ में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉरपोरेट कार्य, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य जैसे प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय होंगे।
कई दशकों से केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में मंत्रालय पुराने और बिखरे हुए भवनों में काम कर रहे थे, जिससे समन्वय में कठिनाई, रखरखाव लागत में वृद्धि और कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नए परिसर इन सभी कार्यों को एकीकृत और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ढांचे में समाहित करते हैं, जिससे समन्वय और कार्यप्रवाह बेहतर होगा।
आधुनिक और सुरक्षित ढांचा
‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, केंद्रीकृत स्वागत कक्ष और जनता से संवाद के लिए विशेष क्षेत्र बनाए गए हैं, जिससे प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सहभागिता बढ़ेगी।
ये भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप बनाए गए हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन भवन डिजाइन शामिल हैं। साथ ही, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं, ताकि अधिकारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
'सेवा तीर्थ' से पहले दिन के फैसले
मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में पीएम राहत योजना, लखपति दीदी की संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने के लक्ष्य से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये करने से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। खुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिये इसकी जानकारी दी।

