
राहुल गांधी का पीएम मोदी को चैलेंज, बोले- "भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करके दिखाएं"
राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब कृषि के मुद्दे पर डील रुकी हुई थी तो अचानक पीएम मोदी ने ट्रंप से हामी कैसे भर दी।
भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भोपाल में ‘किसान महा चौपाल’ का आयोजन किया। इस डील को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, "अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ़ रद्द कर दिए। दुनिया भर के देशों ने अपने समझौतों पर पुनर्विचार किया है लेकिन पीएम मोदी खामोश हैं?।" राहुल गांधी ने चुनौती दी कि पीएम मोदी भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करके दिखाएं।
व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता चार महीने तक कृषि मुद्दों के कारण रुका रहा। उनके अनुसार, सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोयाबीन, कपास, मक्का और दाल जैसे उत्पाद भारतीय बाजार में बेचें, क्योंकि इससे किसानों को नुकसान होता।
राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा में उनके भाषण के बाद उसी शाम प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर समझौते के लिए सहमति दे दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला कैबिनेट से चर्चा किए बिना लिया गया। न राजनाथ सिंह से बात की गई, न शिवराज सिंह चौहान से बात की गई और न ही नितिन गडकरी को विश्वास में लिया गया।
‘लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “पहली बार लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।” अपने भाषण में उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा।
राहुल ने कहा कि किताब में उल्लेख है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब जनरल ने रक्षा मंत्री को फोन कर आदेश मांगा। उन्होंने आरोप लगाया, “जब चीन को जवाब देने का वक्त आया, तब पीएम मोदी गायब हो गए।”
भोपाल के जवाहर चौक पर आयोजित इस महा चौपाल के लिए कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां की थीं। पार्टी नेताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों को समझाने का अभियान चलाया कि यह व्यापार समझौता उनके हितों के खिलाफ है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति आगे भी जारी रखेगी।

