ट्रंप के टैरिफ बयान के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, नरेंदर-सरेंडर वाला जुमला उछाला
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राहुल गांधी ने ट्रंप के मोदी पर दिए बयान पर इंदिरा गांधी का ज़िक्र करते हुए कहा- ‘फर्क समझो सरजी’

ट्रंप के टैरिफ बयान के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, 'नरेंदर-सरेंडर' वाला जुमला उछाला

1971 के युद्ध का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था, जब अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत डटा रहा था।


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बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर दबाव में समर्पण करने का आरोप लगाया और उनकी नेतृत्व शैली की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से की।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाउस GOP मेंबर रिट्रीट के दौरान दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने आए थे। ट्रंप ने कहा था, “प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए। ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?’ हां।”

ट्रंप ने भारत पर भारी टैरिफ का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत इस समय “काफी ज़्यादा टैरिफ चुका रही है” और भारत ने रूस से तेल की खरीद “काफी हद तक कम” कर दी है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश साझा किया, जिसके कैप्शन में लिखा था-“फर्क समझो सरजी”।

उन्होंने कहा,“मैं अब इन बीजेपी–RSS लोगों को अच्छी तरह जानता हूं। इन पर थोड़ा दबाव डालो, ज़रा सा धक्का दो और ये डर के मारे भाग जाते हैं।”

राहुल गांधी ने आगे कहा,“जैसे ही ट्रंप ने वहां से इशारा किया, इन्होंने फोन उठा लिया और कहा—‘मोदी जी, आप क्या कर रहे हैं?’ नरेंद्र ने सरेंडर कर दिया और ‘यस सर’ कहते हुए नरेंद्र मोदी जी ने ट्रंप के इशारे का पालन किया।”

1971 के युद्ध का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था, जब अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत डटा रहा था।

उन्होंने कहा, “आपको वो समय याद होगा, जब सिर्फ फोन कॉल नहीं आया था, सातवें बेड़ा आया था। 1971 के युद्ध में सेवंथ फ्लीट आई, हथियार आए, एक एयरक्राफ्ट कैरियर आया। इंदिरा गांधी जी ने कहा था—‘मुझे जो करना है, मैं वही करूंगी।’ यही फर्क है।”



यहां राहुल गांधी अमेरिका की सेवंथ फ्लीट का संदर्भ दे रहे थे।

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के निर्यात पर कुल मिलाकर 50% तक टैरिफ लगाए हैं, जिसमें रूस से तेल खरीद से जुड़े 25% शुल्क भी शामिल हैं।

ट्रंप ने कहा, “मेरे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। वो मुझसे बहुत खुश नहीं हैं, क्योंकि वे अभी काफी टैरिफ चुका रहे हैं, क्योंकि वे तेल नहीं ले रहे थे—लेकिन अब उन्होंने इसे काफी हद तक कम कर दिया है।”

अगस्त में लगाए गए इन टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की व्यापार वार्ताएं हुई हैं और दोनों नेताओं के बीच कम से कम चार बातचीत भी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई द्विपक्षीय व्यापार समझौता नहीं हो पाया है।

इसके अलावा, ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत ने अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है। ट्रंप का दावा है कि नई दिल्ली इन हेलीकॉप्टरों के लिए पिछले पांच साल से इंतज़ार कर रही है।

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