कांशीराम को भारत रत्न देने के लिए राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र, यूपी चुनाव से पहले बड़ा दांव
x
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को पीएम मोदी को पत्र कांशीराम की जयंती के अवसर पर लिखा

कांशीराम को भारत रत्न देने के लिए राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र, यूपी चुनाव से पहले बड़ा दांव

यह कदम यूपी में होने वाले आगामी चुनावों से पहले दलितों और अन्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों तक पहुंच बनाने की कांग्रेस की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।


रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से दलित आइकन कांशीराम को सम्मानित करने की मांग की। कांशीराम बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक थे और बहुजन राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी सप्ताह की शुरुआत में लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन में बीएसपी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि दी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,“मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक, आदरणीय श्री कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान न केवल श्री कांशीराम जी को श्रद्धांजलि होगा, बल्कि उस पूरे आंदोलन को भी सम्मान देगा जिसने लाखों बहुजनों को अधिकार, भागीदारी और आत्मसम्मान का रास्ता दिखाया।”

यह मांग ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में चुनाव होने में लगभग एक साल का समय बचा है। कांशीराम की राजनीति का केंद्र भी उत्तर प्रदेश ही रहा था। राज्य में लगभग 20 प्रतिशत मतदाता दलित समुदाय से आते हैं, इसलिए लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल कांशीराम की राजनीतिक विरासत से खुद को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

कांशीराम की 15 मार्च को होने वाली जयंती से पहले कई जिलों में उनके पोस्टर विभिन्न दलों के झंडों के साथ दिखाई दिए, जहां हर पार्टी खुद को उनके विचारों और बहुजन सशक्तिकरण के सपने का असली वारिस बता रही है।

इसी क्रम में 13 मार्च को राहुल गांधी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पार्टी नेताओं के अनुसार यह कार्यक्रम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के अभियान की शुरुआत का संकेत था।

मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी लगातार मतदाताओं को याद दिलाती रही है कि कांशीराम ने पार्टी को सामाजिक न्याय के एक राजनीतिक माध्यम के रूप में खड़ा किया था और मायावती को अपना उत्तराधिकारी चुना था।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को यह पत्र उस पंजाब में जन्मे नेता की जयंती के अवसर पर लिखा, जिनका 2006 में 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

राहुल गांधी ने लिखा,“कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति के स्वरूप को बदल दिया। अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों के बीच राजनीतिक जागरूकता पैदा की। उन्होंने उन्हें यह एहसास दिलाया कि उनका वोट, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है, और यह देश सभी का समान रूप से है।”

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांशीराम के प्रयासों के कारण ही “कई ऐसे लोगों ने भी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में सोचना शुरू किया, जिन्होंने पहले कभी राजनीति में आने की कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता हासिल करने का माध्यम माना।”

उन्होंने आगे लिखा,“कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न देने की मांग करते रहे हैं। यह मांग लगातार और गहरी भावना के साथ उठती रही है। हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ, जहां मौजूद नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को जोरदार तरीके से दोहराया, जो व्यापक जनभावना को दर्शाता है।”

Read More
Next Story