
असामान्य पश्चिमी विक्षोभ का असर, बारिश-ओले से बदला मौसम
असामान्य पश्चिमी विक्षोभ से भारत समेत दक्षिण एशिया में बारिश, ओले और तूफान, अगले 8 घंटे अहम; मौसम पैटर्न में बदलाव के संकेत।
भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस समय एक बेहद शक्तिशाली और असामान्य पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसने मार्च के महीने में ही मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत के लिए अगले आठ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इस दौरान भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
यह मौसम प्रणाली करीब 1,000 किलोमीटर लंबी एक सीधी रेखा जैसी वर्षा पट्टी के रूप में विकसित हुई है, जो अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान और भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैली हुई है। आमतौर पर मार्च के अंत तक गर्मी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार एक शक्तिशाली और अलग आकार का पश्चिमी विक्षोभ पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
क्या है इस सिस्टम की खासियत?
सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक यह सिस्टम एक मजबूत ट्रफ लाइन (निम्न दबाव की लंबी पट्टी) से संचालित हो रहा है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। सामान्यतः पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर से उत्पन्न होकर चक्रवाती रूप में उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ते हैं और सर्दियों में बर्फबारी व ठंड लाते हैं। लेकिन इस बार यह सिस्टम चक्रवाती न होकर एक सीधी रेखा (linear trough) के रूप में है, जो इसे बेहद असामान्य बनाता है। इस तरह की ट्रफ लाइन में हवा तेजी से ऊपर उठती है, जिससे घने बादल, तेज बारिश और तूफानी मौसम बनता है।
क्यों है यह स्थिति असामान्य?
यह विक्षोभ पारंपरिक घुमावदार चक्रवात की बजाय सीधी रेखा में फैला है। यह सर्दियों की बजाय गर्मी शुरू होने के समय चरम पर है। यह दक्षिण एशिया में बदलते और अनिश्चित मौसम पैटर्न की ओर इशारा करता है। आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच भारत में हर महीने 4 से 6 पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन मार्च के अंत तक इनकी तीव्रता कम हो जाती है। हालांकि हाल के वर्षों में यह पैटर्न बदल रहा है और ऐसे सिस्टम अप्रैल तक सक्रिय रह रहे हैं। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन और सबट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम में बदलाव से जोड़ते हैं।
उत्तर भारत पर असर
इस सिस्टम के कारण Punjab, Haryana, Delhi और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश, आंधी और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा उप-हिमालयी West Bengal और Sikkim में भारी बारिश। दक्षिण भारत के Karnataka, Andhra Pradesh, Kerala और Tamil Nadu में तेज बारिश
कई राज्यों में ओलावृष्टि
अगले 12 घंटों का पूर्वानुमान
दोपहर बाद: सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ेगा
शाम: उत्तर भारत में मौसम सुधरने लगेगा
रात: बारिश काफी हद तक कम हो जाएगी
हालांकि राहत ज्यादा देर की नहीं होगी, क्योंकि यह सिस्टम पूर्वी भारत की ओर बढ़ते हुए Bihar, Jharkhand और West Bengal में भारी बारिश और आंधी ला सकता है।
आगे क्या?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 23 मार्च और 28 मार्च को दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जो फिर से मौसम को अस्थिर बना सकते हैं।मार्च में इस तरह का शक्तिशाली और असामान्य पश्चिमी विक्षोभ यह संकेत देता है कि दक्षिण एशिया में मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। बढ़ती अनिश्चितता और चरम मौसमी घटनाएं आने वाले समय में और भी आम हो सकती हैं, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की ओर इशारा करती हैं।

