
भारत मना रहा है 77वां गणतंत्र दिवस : मुख्य समारोह में क्या-क्या होगा, यहां जानिए
भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। भव्य परेड कर्तव्य पथ पर आयोजित की जाएगी, जिसमें यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
इंडिया गेट के पास कतर्व्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10.30 बजे शुरू होगी, जिसमें देश की रक्षा क्षमताएं, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी प्रगति प्रदर्शित की जाएगी। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” है, जो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत को सम्मान देती है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह थीम गणतंत्र दिवस परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झांकियों, सार्वजनिक प्रतियोगिताओं और जन-संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे समारोह में दिखाई देगी। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता, सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान राष्ट्रीय लक्ष्यों को जोड़ते हुए वंदे मातरम् को उत्सव के केंद्र में रखना है।
77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि कौन हैं?
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन परेड के मुख्य अतिथि होंगे। रविवार को भारत पहुंचने पर दोनों नेताओं को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 27 जनवरी को दोनों से संयुक्त यूरोपीय संघ–भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाने और क्षेत्रीय व बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।
इस गणतंत्र दिवस पर क्या-क्या प्रदर्शित किया जाएगा?
आज कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भारत ब्रह्मोस और आकाश हथियार प्रणालियों, गहरे प्रहार की क्षमता वाले रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, और मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन सहित कई प्रमुख सैन्य प्लेटफॉर्म प्रदर्शित करेगा।
पीटीआई के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबाण रेजिमेंट, साथ ही जांस्कर के टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट पहली बार इस औपचारिक समारोह में हिस्सा लेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भारत अपने विकास पथ, सांस्कृतिक विविधता और रक्षा शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग किए गए प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल और नवगठित सैन्य इकाइयों की झलक भी शामिल होगी।
यह परेड शक्तिबाण रेजिमेंट की पहली सार्वजनिक उपस्थिति भी होगी, जिसे तोपखाने के अंतर्गत गठित किया गया है और जो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लॉइटर म्यूनिशन प्रणालियों से लैस है।
परेड के प्रमुख आकर्षणों में पिछले मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए प्रमुख हथियार प्रणालियों की प्रतिकृतियों को दर्शाने वाली त्रि-सेवा (थल, जल और वायु सेना) झांकी भी शामिल होने की उम्मीद है।
गणतंत्र दिवस परेड कितनी देर चलेगी?
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से होगी, जहां वे शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति कर्तव्य पथ स्थित सलामी मंच पर पहुंचेंगे और परेड देखेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का “पारंपरिक बग्गी” में आगमन होगा, जिसके साथ भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड मौजूद रहेगी।
परंपरा के अनुसार इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, फिर राष्ट्रगान होगा और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। यह सलामी भारत में विकसित 105 मिमी लाइट फील्ड गन तोप प्रणाली से दी जाएगी। इसके बाद परेड आगे बढ़ेगी और राष्ट्रपति सलामी लेंगी।
इस वर्ष देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से करीब 2,500 सांस्कृतिक कलाकार परेड में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।

