
सोनिया गांधी पर इलाज का अच्छा असर, राहुल ने केरल की नर्सों को सराहा
अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर अजय स्वरूप ने बताया कि 24 मार्च की रात भर्ती हुई सोनिया गांधी का एंटीबायोटिक दवाओं से उपचार किया जा रहा है और...
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को हुई सिस्टमिक संक्रमण की बीमारी के इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और वह सर गंगाराम हॉस्पिटल में चिकित्सकीय निगरानी में बनी हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार (26 मार्च) को यह जानकारी दी।
अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर अजय स्वरूप ने बताया कि 24 मार्च की रात भर्ती हुई सोनिया गांधी का एंटीबायोटिक दवाओं से उपचार किया जा रहा है और वह उपचार का सकारात्मक जवाब दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार, एहतियात के तौर पर सोनिया गांधी को अभी कुछ और दिनों तक अस्पताल में निगरानी में रखा जा सकता है। उनकी स्थिति स्थिर है और गंभीर नहीं बताई जा रही है।
79 वर्षीय नेता को मंगलवार (24 मार्च) रात लगभग 10:22 बजे बुखार आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी में उनकी तबीयत खराब होने का कारण मौसम में बदलाव को बताया गया था।
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (25 मार्च) को कहा कि केरल की नर्सें राज्य की भावना का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, क्योंकि वे मरीजों के साथ धर्म, समुदाय या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करतीं।
राहुल गांधी ने यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कही। उन्होंने बताया कि जब उनकी मां सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती थीं, तब केरल की एक नर्स हर घंटे आकर उनका हालचाल लेती थी, जिससे उन्हें काफी सुकून मिला।
एक कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब वे अस्पताल में अपनी मां के कमरे में आराम कर रहे थे, तब वह नर्स हर घंटे आकर जांच करती थी, जिससे उनकी चिंता कुछ कम हो जाती थी।
उन्होंने कहा, “जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें दिल्ली और दुनिया के अन्य हिस्सों में लोगों को सहारा देती हैं, उनका हाथ थामती हैं और उन्हें सहज महसूस कराती हैं। मेरे लिए यही केरल की असली भावना है। एक नर्स इस भावना का सही उदाहरण है। वह मरीजों के साथ धर्म, समुदाय या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती बल्कि अपना कर्तव्य निभाती है।”
राहुल गांधी ने कहा कि एक नर्स सही समय पर सही सवाल पूछती है और उचित निर्णय लेती है।
उन्होंने यह भी कहा, “मेरे लिए यह केरल की महिलाओं की विशेषता को दर्शाता है। एक ऐसा धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना, जो सभी के साथ प्रेम और स्नेह से पेश आता है, एक अविभाजित समाज।” उन्होंने इसे केरल चुनावों का मुख्य मुद्दा भी बताया।
उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या केरल की इस भावना को आगे बढ़ने और सशक्त होने का अवसर मिलेगा या फिर लोगों को सीमित कर दिया जाएगा।

