
सरकारी कार्यक्रमों में 6 अंतरों वाला ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य
सरकार ने आधिकारिक कार्यक्रमों में 3 मिनट 10 सेकंड के 6 अंतरों वाले वंदे मातरम् को अनिवार्य किया। राष्ट्रपति व राज्यपाल के कार्यक्रमों में यह नियम लागू होगा।
Vande Mataram: सरकार ने आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाले संस्करण को बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया है। इस संस्करण की निर्धारित अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समय, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन पर, तथा उनके भाषण या राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में लागू रहेगा।
साथ ही, राज्यों के राज्यपालों के आगमन और उनके संबोधनों से पहले एवं बाद में भी इसी निर्धारित अवधि और अधिकृत संस्करण का पालन करना आवश्यक होगा। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रीय गीत के सम्मान को बनाए रखना और उसकी प्रस्तुति में एकरूपता सुनिश्चित करना है। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों में तय समयसीमा के भीतर ही इस गीत का गायन या वादन किया जाएगा।
वंदे मातरम् क्या है?
‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसका अर्थ है — मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने संस्कृतनिष्ठ बंगाली भाषा में रचा था। यह गीत पहली बार 7 नवंबर 1875 को ‘बंगदर्शन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ और बाद में 1882 में उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया।
शुरुआत में यह मातृभूमि को समर्पित एक साहित्यिक रचना थी, लेकिन धीरे-धीरे यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत बन गया। आज़ादी की लड़ाई के दौरान क्रांतिकारी और छात्र इसे जोश और सम्मान के साथ गाते थे। लगभग 150 वर्ष पुराने इस गीत में भारतभूमि को हरियाली, समृद्धि और मातृत्व के प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है।

