दिल्ली में कब होगा SIR ? चुनाव आयोग ने दे दिया इशारा !
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दिल्ली में कब होगा SIR ? चुनाव आयोग ने दे दिया इशारा !

चुनाव आयोग ने 22 राज्यों को SIR की तैयारी के निर्देश दिए। भाजपा का दावा- अब दिल्ली की वोटर लिस्ट से कटेंगे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के फर्जी नाम।


SIR In Delhi : भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया की तैयारियां जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग की योजना इस साल अप्रैल से यह व्यापक अभियान शुरू करने की है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों में मौजूद विसंगतियों को दूर करना और अवांछित नामों को हटाना है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घोषणा का पुरजोर स्वागत किया है और इसे दिल्ली की मतदाता सूची को 'अवांछित तत्वों' से मुक्त करने का एक सुनहरा अवसर बताया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस SIR का विरोध करते आये हैं लेकिन फिलहाल दोनों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






अप्रैल से शुरू होगी SIR की व्यापक प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर जैसे 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के अखिल भारतीय SIR का आदेश पिछले साल जून में ही दे दिया गया था। अब अप्रैल से इस अभियान में तेजी आने के आसार हैं। बिहार में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि कई अन्य राज्यों में यह फिलहाल जारी है। इस अभियान के पूरा होते ही देश के सभी राज्य इसके दायरे में आ जाएंगे, जिससे भविष्य के चुनावों के लिए एक त्रुटिहीन डेटाबेस तैयार हो सकेगा।

वोटर लिस्ट से हटेंगे अवांछित नाम: वीरेंद्र सचदेवा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने चुनाव आयोग के इस फैसले को दिल्ली के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया शुरू होने से दिल्ली की वोटर लिस्ट से अवांछित और फर्जी वोटरों के नाम काटने का रास्ता साफ हो जाएगा। सचदेवा ने जोर देकर कहा कि भाजपा चुनाव आयोग को पूरा सहयोग करेगी ताकि दिल्ली में अवैध रूप से बसे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। उनके अनुसार, यह कदम दिल्ली की चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए अनिवार्य था, जिसकी भाजपा लंबे समय से मांग कर रही थी।

भाजपा ने तैयार की वकीलों और कार्यकर्ताओं की टीम
मतदाताओं की सहायता और इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए भाजपा ने संगठन स्तर पर बड़ी तैयारी की है। वीरेंद्र सचदेवा ने जानकारी दी कि प्रदेश और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में अनुभवी वकीलों को भी शामिल किया गया है ताकि मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के दौरान आने वाली किसी भी तकनीकी या कानूनी समस्या का समाधान तुरंत मिल सके। पार्टी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम न कटे, जबकि फर्जी नामों को पूरी तरह से साफ किया जाए।

इन राज्यों में भी तेज होगी तैयारी
निर्वाचन आयोग के इस निर्देश का असर केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड जैसे महत्वपूर्ण राज्यों पर भी पड़ेगा। असम में 10 फरवरी को ही 'विशेष पुनरीक्षण' का काम पूरा हो चुका है। अब आयोग का पूरा फोकस उन 22 क्षेत्रों पर है जहाँ अप्रैल से जमीनी स्तर पर काम शुरू होना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गहन पुनरीक्षण के बाद फर्जी वोटिंग और डबल एंट्री जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।


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