
चर्चा से पहले वक्फ बिल पर सवाल जवाब, जानें-सदन में किसके पक्ष में कितनी संख्या
वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चला है। सरकार जहां इसे देशहित में बता रही है वहीं विपक्ष इसे खास समाज के लिए खतरनाक बता रहा है।
Waqf Amendment Bill 2024: लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पेश किया जाएगा। इस पर चर्चा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 8 घंटे का समय निर्धारित किया है। वक्फ अधिनियम, 1995 में यह पहला संशोधन नहीं है इससे पहले 2013 में यूपीए सरकार के दौरान भी इसमें संशोधन किए गए थे।
लोकसभा में बहस और राजनीतिक दलों की तैयारी
विधेयक पर चर्चा के लिए सत्ताधारी गठबंधन (NDA) को 4 घंटे 40 मिनट का समय मिला है। इस बहस में भाग लेने के लिए बीजेपी, कांग्रेस, जदयू, टीडीपी सहित कई दलों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार बिल पर विस्तृत चर्चा चाहती है और सभी राजनीतिक दलों को इस पर अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष चर्चा में शामिल नहीं होना चाहता, तो सरकार इसे रोकने के लिए बाध्य नहीं है।
लोकसभा की गणित
एनडीए की संख्या
बीजेपी-240 सांसद, जेडीयू-12, टीडीपी-16, लोजपा- रामविलास पासवान- 5, शिवसेना-शिंदे गुट- 7, आरएलडी-2
इंडी गठबंधन की संख्या
कांग्रेस-99, एआईएमआईएम-1, आरजेडी-2, आप-3, डीएमके-22, एनसीपी-5, टीएमसी-29, सपा-37
राज्यसभा में NDA की स्थिति मजबूत
राज्यसभा में कुल 236 सीटें हैं और बहुमत के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। NDA के पास 115 सांसद हैं, जिनमें BJP के 98, JD(U) के 4, TDP के 2, NCP के 3 RLD के एक सांसद हैं। मनोनीत 6 सांसदों को मिलाकर यह संख्या 121 हो जाती है, जो बहुमत से अधिक है। ऐसे में यदि जदयू और टीडीपी सरकार के साथ बने रहते हैं, तो NDA को विधेयक पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
क्या है विधेयक का उद्देश्य?
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के अनुसार, 2013 में किए गए संशोधनों के बावजूद वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण, सर्वेक्षण, अतिक्रमण हटाने और वक्फ बोर्डों की शक्तियों को प्रभावी बनाने के लिए और सुधार की जरूरत है।इस विधेयक का एक प्रमुख उद्देश्य "वक्फ अधिनियम, 1995" का नाम बदलकर "एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995" करना है।
गैर-मुस्लिमों की भागीदारी और सरकार का नियंत्रण
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में लगभग 40 संशोधन करने की योजना बना रही है। इनमें एक महत्वपूर्ण बदलाव वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की भागीदारी हो सकता है। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं और अन्य मुस्लिम समुदायों की अधिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। साथ ही, बोर्ड पर सरकार का नियंत्रण भी बढ़ाया जा सकता है।
मोदी सरकार के लिए शक्ति प्रदर्शन का अवसर?
लोकसभा में NDA के बहुमत को देखते हुए, इस विधेयक का पारित होना तय माना जा रहा है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के लिए संसद में अपनी संख्यात्मक ताकत दिखाने और विपक्ष को घेरने का एक बड़ा अवसर भी माना जा रहा है।