
पांच राज्यों के चुनाव में इस बार नया क्या है?, चुनाव आयोग का 'प्लान-30' यहां समझिए
सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा। यानी मतदान के बाद वोटिंग प्रतिशत बताने में देरी नहीं होगी।
तो आखिरकार 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरा चुनावी शेड्यूल सामने रख दिया। साथ ही यह भी बता दिया कि इस बार 30 बड़े बदलाव किए गए हैं। उन बदलावों को विस्तार से आगे बताएंगे, पहले इस घोषणा में सबसे दिलचस्प बात ये दिख रही है कि इस बार पश्चिम बंगाल का चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जाने की घोषणा हुई है, जबकि पिछली बार यह 8 चरणों में किया गया था।
एक सरसरी निगाह पूरे चुनावी शेड्यूल पर दौडाएं तो उसके मुताबिक, असम में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएँगे और चुनाव के नतीजे आएंगे 4 मई को। केरलम में भी 9 अप्रैल को ही वोटिंग होगी और नतीजे 4 मई को ही आएंगे। पुडुचेरी में भी वोटिंग की तारीख 9 अप्रैल ही रखी गई है और वहां भी मतगणना 4 मई को होनी है। लेकिन तमिलनाडु में वोटिंग की तारीख है 23 अप्रैल, जबकि रिजल्ट यहां भी 4 मई को ही आएगा।
जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है तो इस बार चुनाव आयोग ने यहां मतदान के फेज घटा दिए हैं। साल 2021 में बंगाल में जो पिछला विधानसभा चुनाव हुआ था, वो आठ चरणों में किया गया था लेकिन इस बार सिर्फ दो चरणों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इऩ पांचों राज्यों में सीटों के लिहाज से पश्चिम बंगाल ही सबसे बड़ा राज्य है जहां 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होना है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे और वोटिंग की तारीख होगी 23 अप्रैल। दूसरे चरण में पश्चिम बगाल में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा और तारीख होगी 29 अप्रैल। इस तरह पश्चिम बंगाल में कुल दो चरणों में वोटिंग होगी। और चुनाव के नतीजे 4 मई को ही आएंगे। यानी पांचों राज्यों में एक ही दिन काउंटिंग होगी और वो दिन है 4 मई।
ये तो हुई मतदान और मतगणना की बात।, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव में इस बार नया क्या है, जरा इसे भी जान लीजिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार 30 बड़े बदलावों की बात कही है। आम मतदाताओं की जानकारी के लिए कुछ मुख्य बिंदु ये हैं कि इस बार मतदान केंद्रों में आप अपना मोबाइल फोन जमा कर सकते हैं। यह सुविधा चुनाव आयोग उपलब्ध करवाएगा। ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम लिखे जाएँगे ताकि मतदाताओं को उम्मीदवार को पहचानने में सुविधा हो।
इसके अलावा प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे। मतदान केंद्र से 100 मीटर के बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति दी जाएगी। अधिक स्पष्ट और बेहतर मतदाता सूचना पर्ची होगी। सभी प्रमुख मतदाता सेवाओं और सभी हितधारकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म। सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा। यानी मतदान के बाद वोटिंग प्रतिशत बताने में देरी नहीं होगी। SIR के हालिया विवाद के बाद ये बेहद महत्वपूर्ण चुनाव हैं। इसलिए बहुत चीजों का ख्याल रखा गया है।
चुनाव आयोग ने बताया कि पांचों राज्यों में होने वाले इन चुनावों में करीब 17 करोड़ 40 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 2 लाख 19 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 25 लाख मतदान अधिकारी तैनात रहेंगे।

