सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत कौर की गुमशुदगी बनी रहस्य,धर्म परिवर्तन कर किया निकाह
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सरबजीत कौर नवंबर 2024 में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी लेकिन आज तक नहीं लौटी

सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत कौर की गुमशुदगी बनी रहस्य,धर्म परिवर्तन कर किया निकाह

पाकिस्तान में सिख जत्थे के साथ जाकर धर्म परिवर्तन करने और निकाह करने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर उर्फ नूर हुसैन की भारत वापसी को लेकर रहस्य और गहरा गया है।


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धार्मिक जत्थे के साथ पाकिस्तान गई। वहां धर्म बदलकर नूर हुसैन नाम मिला और एक मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया। मोटे तौर पर सरबजीत कौर की कहानी यही है। लेकिन इसमें कुछ पेच भी हैं। भारतीय महिला सरबजीत कौर उर्फ नूर हुसैन भारत लौटी या नहीं लौटी, इसको लेकर रहस्य और गहरा गया है। बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान के मीडिया और सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि उसे वाघा अटारी सीमा के रास्ते भारत भेज दिया गया है, लेकिन दो दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वह भारतीय सीमा तक नहीं पहुंची है।

सरबजीत कौर नवंबर 2024 में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी। पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने इस्लाम कबूल कर लिया और लाहौर निवासी नासिर हुसैन से निकाह कर अपना नाम बदलकर नूर हुसैन रख लिया।

वीजा खत्म, कार्रवाई शुरू

वीजा अवधि समाप्त होने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे ओवरस्टे के मामले में डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Federal Investigation Agency ने उसे हिरासत में लेकर वाघा बॉर्डर पर भारत की BSF को सौंपने की तैयारी की थी। इसी दौरान सरबजीत कौर ने भारत लौटने से इनकार करते हुए यह दलील दी कि भारत में उसकी जान को खतरा हो सकता है।

सीमा बंद, दावे और हकीकत में फर्क

पाकिस्तानी अखबार Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को वाघा अटारी सीमा बंद होने के कारण पाकिस्तानी अधिकारी उसे भारत डिपोर्ट नहीं कर सके। रिपोर्ट में बताया गया है कि सरबजीत कौर उन 1,992 सिख श्रद्धालुओं में शामिल थी जो धार्मिक आयोजनों के बाद 13 नवंबर को भारत लौट आए थे, लेकिन वह पाकिस्तान में ही रुक गई, जिसके चलते उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

डॉन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पांच नवंबर को उसने इस्लाम कबूल किया और पाकिस्तानी नागरिक नासिर हुसैन से विवाह किया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने दावा किया था कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारत भेज दिया गया है, लेकिन सीमा बंद होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

हाईकोर्ट में मामला, सेफ हाउस में महिला

दूसरी ओर, एक अंग्रेसी समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, सरबजीत कौर के देश निकाले की प्रक्रिया को लाहौर हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। पाकिस्तान से मिली जानकारी के मुताबिक, वह इस समय लाहौर पुलिस की हिरासत में है और सुरक्षा कारणों से शहर के एक सेफ हाउस में रखी गई है। उसे चार जनवरी को वीजा अवधि समाप्त होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

इस बीच, इस दंपती ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अदालत से राहत मांगी है, जबकि भारत में एक पूर्व विधायक ने वीजा नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सरबजीत कौर को तत्काल भारत भेजने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। अदालत के अंतिम आदेश तक उसकी भारत वापसी पर रोक लगी हुई है।

फिलहाल, सरबजीत कौर वास्तव में पाकिस्तान में किस स्थिति में है और उसकी भारत वापसी कब होगी, इसे लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

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