डॉक्टर ने बताए कमर दर्द से बचने के उपाय, ऐसे मिलेगा छुटकारा
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डॉक्टर ने बताए कमर दर्द से बचने के उपाय, ऐसे मिलेगा छुटकारा

कमर दर्द ऐसी समस्या है, जो आजकल युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। ऐसा क्यों हो रहा है और कैसे बुढ़ापे में भी इससे बचा जा सकता है, डॉक्टर से जानें...


Home Remedies For Back Pain: सिटिंग जॉब और आलसी लाइफस्टाइल के कारण बैक पेन यानी कमर दर्द एक सामान्य समस्या बन चुकी है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से, टीवी देखने से या शारीरिक रूप से ऐक्टिव ना रहने के कारण, बैक पेन की समस्या उभर कर सामने आ रही है। हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान उपाय हैं, जिन्हें आप अपना सकते हैं, ताकि आप बिना किसी प्रोफेशनल हेल्प के खुद को राहत दे सकें। लेकिन लंबे समय तक कमर दर्द को अनदेखा करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। जानें, इससे बचने के उपाय...

सही पोश्चर का रखें ध्यान

सबसे पहला कदम है कि आपको अपनी बॉडी को ज्यादा ऐजिटेट (agitate) नहीं करना चाहिए। यानी, अपने शरीर को आराम की स्थिति में रखें। आपको जिस पोश्चर में आराम मिल रहा है, उसी पोश्चर में लेटना चाहिए। यदि आप बिस्तर पर सो रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि आपका मैट्रेस सॉफ्ट नहीं, बल्कि हार्ड हो। अगर आपके पास सॉफ्ट मैट्रेस है तो इसे बदल कर आपको जमीन या लकड़ी की सतह पर सोने का प्रयास करना चाहिए।

गर्म सिकाई का इस्तेमाल करें

बैक पेन से राहत पाने के लिए आप गर्म पानी की बोतल या किसी भी गर्म चीज से सिकाई कर सकते हैं। इससे मसल्स की जो स्टिफनेस (stiffness) है, वो कम होगी और आराम मिलेगा। आमतौर पर लोग कॉमनली दर्द से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक ऑइंटमेंट्स जैसे डायनापार (Dynamopar) का इस्तेमाल करते हैं, जो आपकी मसल्स को रिलैक्स करता है और दर्द को कम करने में मदद करता है।

दर्द बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें

जो गतिविधियां आपके बैक पेन को और बढ़ा रही हैं, उनसे आपको बचना चाहिए। उदाहरण के लिए, आगे झुकना (bending forward) बिल्कुल अवॉइड करें। जब आप बिस्तर से उठ रहे हैं, तो कोशिश करें कि आप करवट लेकर उठें और हमेशा यह करें जब आपको यह बिल्कुल जरूरी लगे, जैसे कि बाथरूम जाना या किसी अन्य गतिविधि के लिए उठना हो।

पेन किलर्स का सेवन करें

घर में आमतौर पर सभी के पास पैरासिटामोल (Paracetamol) जैसी सामान्य पेन किलर्स होती हैं। बैक पेन में शुरुआत में आप इन्हें ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी अन्य दवा का सेवन ना करें। हर दवा का कुछ इंटरेक्शन (interaction) हो सकता है और इसका प्रभाव आपके शरीर पर गलत हो सकता है। इसलिए, डॉक्टर से परामर्श करके ही किसी दवा का सेवन करें।

फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज से संबंधित मिथक

बैक पेन के बारे में एक सामान्य मिथक यह है कि फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) से बैक पेन ठीक हो जाएगा, लेकिन यह जरूरी नहीं है। कभी-कभी फिजियोथेरेपी से दर्द और बढ़ सकता है, क्योंकि यदि आपकी मसल्स पहले से सख्त हैं, तो फिजियोथेरेपी से और तनाव बढ़ सकता है। फिजियोथेरेपी में सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं होती, बल्कि इसमें हॉट पैक (Hot Pack), आईएफटी (IFT), टेन्स (TENS) जैसी मोडालिटी (modalities) का भी इस्तेमाल किया जाता है, जो स्पाज्म (spasm) को कम करने में मदद करती हैं।

डॉक्टर से मिलें और कारण जानें

यह सबसे महत्वपूर्ण है कि बैक पेन का इलाज खुद से नहीं करना चाहिए। इसका कारण जानना बेहद आवश्यक है। इसलिए, डॉक्टर से मिलकर इसका सही कारण पता करें और उसके आधार पर परमानेंट समाधान प्राप्त करें। क्योंकि बैक पेन केवल एक लक्षण (symptom) हो सकता है, और बिना सही निदान के लंबे समय तक इसका समाधान नहीं हो सकता।

बैक पेन एक सामान्य समस्या है। लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। किसी भी दवा या फिजियोथेरेपी से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें। ताकि आपकी सेहत पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। यह आर्टिकल डॉक्टर अभिषेक वैश, जो इंद्रप्रस्त अपोलो हॉस्पिटल, न्यू दिल्ली के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में कार्यरत हैं,इनके दिए विडियो सुझावों पर आधारित है।

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