
क्या है बायोफार्मा शक्ति योजना? जिसे बजट में मिले 10 हजार करोड़
बायोफार्मा शक्ति योजना केंद्रीय बजट 2026 में प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन पैसों से देश...
बायोफार्मा बजट 2026: बीमारियों के खिलाफ भारत की रणनीतिक तैयारी को मजबूती देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में एक बड़ी घोषणा की है। रविवार को लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए उन्होंने ‘बायोफार्मा शक्ति’ (Biopharma Shakti) योजना की शुरुआत का ऐलान किया, जिसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य भारत को दवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही देश के अंदर तेजी से बढ़ रही नई-पीढ़ी की बीमारियों से प्रभावी तरीके से निपटना है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में साफ़ किया कि देश में अब बीमारी का स्वरूप बदल चुका है। जहां पहले मलेरिया, हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां बड़ी चुनौती थीं, वहीं अब डायबिटीज, कैंसर और ऑटो-इम्यून रोगों के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में केवल सस्ती जेनेरिक दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है बल्कि नई और जटिल दवाओं के स्वदेशी विकास की जरूरत है।
10,000 करोड़ रुपये का निवेश, फोकस रिसर्च पर
सरकार ने ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बड़ा फंड तय किया है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने में किया जाएगा। अब तक भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का बड़ा केंद्र रहा है, लेकिन इस योजना के तहत सरकार चाहती है कि देश कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों के लिए अत्याधुनिक और जटिल दवाएं भी खुद विकसित करे।
क्यों जरूरी है यह योजना?
डायबिटीज के मामले में भारत को पहले ही दुनिया की ‘डायबिटीज राजधानी’ कहा जाता है, जहां सस्ते और बेहतर इलाज की मांग लगातार बढ़ रही है।
कैंसर का इलाज आज भी आम लोगों के लिए बेहद महंगा है, ऐसे में स्वदेशी दवाओं के आने से उपचार की लागत कम होने की उम्मीद है।
वहीं ऑटो-इम्यून बीमारियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है, जिनके इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली बायोलॉजिक्स दवाएं फिलहाल बहुत महंगी हैं।
क्या है ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना
‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना का पूरा नाम बायो फार्मा स्ट्रेटेजी फॉर हेल्थ एडवांसमेंट थ्रू नॉलेज, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन है। इस योजना का प्रस्ताव केंद्रीय बजट 2026 में किया गया है, जिसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन की व्यवस्था की गई है।
इस योजना का प्रमुख लक्ष्य भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत सरकार देश के भीतर बायोफार्मा उत्पादों के निर्माण के लिए एक सुदृढ़, टिकाऊ और नई तकनीक पर आधारित तंत्र तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब के रूप में विकसित करना है। सरकार का फोकस देश के भीतर बायोफार्मा उत्पादों के निर्माण के लिए एक मजबूत और टिकाऊ इकोसिस्टम तैयार करने पर है।
इकोसिस्टम मजबूत करने की तैयारी
योजना के तहत
3 नए राष्ट्रीय संगठन स्थापित किए जाएंगे,
7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा,
और 1000 मान्यता प्राप्त भारतीय क्लिनिकल ड्रग ट्रायल साइट्स विकसित की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से हेल्थ सेक्टर में इनोवेशन, नॉलेज, टेक्नोलॉजी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
डिसक्लेमर- यह जानकारी बजट 2026 में दी गई जानकारी पर आधारित है।

