
लिक्विड डायट लेने और खूब पानी पीने के बाद भी क्यों बार-बार सूखता है मुंह
दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीने और खाने में लिक्विड डायट तो प्राथमिकता देने के बाद भी क्या आपको बार-बार पानी पीने की इच्छा होती है? और फिर भी प्यास नहीं मिटती...
Mouth Dryness: हर दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह केवल डॉक्टर्स नहीं देते बल्कि हमारे पैरेंट्स और घर के बड़े लोग भी देते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीने के बाद भी मुंह में भी सूखापन लगता रहता है। इस आर्टिकल में इसी विषय पर चर्चा की गई है कि आखिर ये कोई समस्या क्यों होती हैं और डेली डायट में किन बातों का ध्यान रखकर इस समस्या को बिना दवाओं के कैसे ठीक किया जा सकता है...
मुंह सूखने के कारण
बार-बार मुंह सूखने का कोई एक कारण नहीं है। बल्कि ये कई बीमारियों का लक्षण भी हो सकता है। लेकिन अगर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बाद भी आपके मुंह का सूखापन दूर नहीं हो रहा हो तो आपको सबसे पहले अपनी डायट पर नजर डालनी चाहिए। यदि आपकी डायट में पोटैशियम और विटामिन-सी की कमी होती है तब भी मुंह सूखने की समस्या होती है। अब जानिए कि ये दोनों पोषक तत्व कैसे इस समस्या को दूर करते हैं और किन फूड्स से आप इनकी कमी पूरी कर सकते हैं।
बार-बार मुंह सूखने का इलाज है पोटैशियम
पोटैशियम एक आवश्यक खनिज और इलेक्ट्रोलाइट है, जो शरीर में पानी और खनिजों के संतुलन को बनाए रखता है। यह मुख्य रूप से हमारी कोशिकाओं (Body Cells) के अंदर पाया जाता है और सोडियम के साथ मिलकर शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखता है।
पोटैशियम शरीर में सोडियम के साथ मिलकर द्रव संतुलन (fluid balance) बनाए रखता है। जब पोटैशियम का स्तर कम हो जाता है, तो शरीर से अधिक पानी निकलने लगता है, जिससे डिहाइड्रेशन (dehydration) की समस्या हो सकती है। डिहाइड्रेशन का सबसे आम लक्षण बार-बार प्यास लगना है।
बार-बार पानी पीने का मन क्यों करता है?
हमारे शरीर में हाइपोथैलेमस (hypothalamus) नामक एक हिस्सा प्यास को नियंत्रित करता है। पोटैशियम की कमी से तंत्रिका तंत्र कमजोर हो सकता है, जिससे शरीर गलत सिग्नल भेज सकता है और व्यक्ति को अधिक प्यास लगने लगती है, भले ही शरीर को अधिक पानी की जरूरत न हो।
पोटैशियम बॉडी में लिक्विड बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। बॉडी में होने वाले नैचरल डिहाइड्रेशन का असर ये मसल्स और स्किन सेल्स पर नहीं पड़ने देता, इससे पहले ही ब्रेन को सिग्नल भेजकर पानी पीने की इच्छा को जगाने में मदद करता है। इससे मुंह में सूखेपन की समस्या नहीं होती और साथ ही शरीर में सूजन भी नहीं आती।
मुंह सूखने की समस्या को कैसे कंट्रोल करें?
अब आपको पता चल चुका है कि इस समस्या का इलाज पोटैशियम है। तो अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर किन चीजों को खाकर या पीकर मुंह सूखने की समस्या को दूर किया जाए? और पोटैशियम रिच डायट क्या होती है? पोटैशियम रिच डायट में कौन-कौन से फूड्स आते हैं...
केला (Banana),नारियल पानी (Coconut Water),पालक (Spinach), संतरा (Orange), शकरकंद (Sweet Potato), टमाटर (Tomato), दही (Yogurt), अखरोट और बादाम (Nuts and Seeds) इन सभी फूड्स को एक-एक करके अपने हर दिन की डायट का हिस्सा बनाएं। इससे आपको पर्याप्त पोषण भी मिलेगा।
क्यों हो जाती है पोटैशियम की कमी?
बहुत अधिक या बहुत कम पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीना सही रहता है।
बहुत अधिक नमक खाने से शरीर में सोडियम की अधिकता हो सकती है, जिससे प्यास बढ़ सकती है। फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और अधिक नमक वाले स्नैक्स से बचें।
शराब और कैफीन (जैसे चाय और कॉफी) डिहाइड्रेशन को बढ़ाते हैं और बार-बार प्यास लगने की समस्या को और खराब कर सकते हैं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि आपको बार-बार प्यास लगती है और आहार परिवर्तन से कोई सुधार नहीं होता तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। यह किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है, जैसे कि डायबिटीज या किडनी रोग।