
मात्र बादाम के आकार का होता है ये अंग और कंट्रोल करता है पूरी बॉडी
हमारी भूख, प्यास से लेकर नींद और इमोशन्स तक, ये सब शरीर का एक बहुत छोटा-सा ऑर्गन कंट्रोल करता है। अगर इसमें दिक्कत हो जाए तो वाकई 'जिंदगी झंड' ही लगती है...
Hypothalamus: शरीर का छोटा लेकिन सबसे पावरफुल कंट्रोल सेंटर है हाइपोथैलेमस। ये हमारे मस्तिष्क का एक हिस्सा है। हमारा दिमाग कई हिस्सों में बंटा होता है, जिनमें से हर हिस्से का अपना अलग रोल है। लेकिन हमारे शरीर के ज्यादातर जरूरी कामों को कंट्रोल करने वाला हिस्सा सिर्फ बादाम के आकार जितना होता है, जिसे हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) कहते हैं, जो शरीर के हॉर्मोन बैलेंस, भूख-प्यास, नींद और इमोशन्स जैसे जरूरी फंक्शन्स को कंट्रोल करता है। इसका साइज छोटा जरूर है लेकिन इसके बिना शरीर का सही तरीके से काम करना लगभग असंभव है...
ब्रेन में कहां होता है हाइपोथैलेमस?
Hypothalamus दिमाग के बिल्कुल बीच में थैलेमस (Thalamus) के नीचे और पिट्यूटरी ग्लैंड (Pituitary Gland) के ऊपर मौजूद होता है। यह हमारे शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम (Endocrine System) को कंट्रोल करता है, जो हॉर्मोन्स के प्रोडक्शन और रिलीज के लिए जिम्मेदार होता है। यही हिस्सा पिट्यूटरी ग्लैंड को सिग्नल भेजता है कि कौन-सा हॉर्मोन कब और कितनी मात्रा में रिलीज होना चाहिए।
हाइपोथैलेमस के मुख्य काम
Hypothalamus को शरीर का मास्टर कंट्रोलर कहा जाता है क्योंकि यह कई जरूरी काम ऑटोमैटिकली मैनेज करता है। जैसे...
हॉर्मोनल कंट्रोल: हॉर्मोन रिलीज करना और इन्हें कंट्रोल करने का काम हाइपोथैलेमस करता है। ये पिट्यूटरी ग्लैंड को सिग्नल भेजकर ग्रोथ हॉर्मोन, थायरॉइड हॉर्मोन और रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन्स जैसे कई हॉर्मोन्स की रिलीज को कंट्रोल करता है। आपको किसी के प्रति प्रेम की अनुभूति कराने वाला और मन को शांति देने वाला ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन भी यही रिलीज करता है।
भूख और प्यास कंट्रोल करना: जब शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है तो यह सिग्नल भेजता है कि आपको भूख लगी है। इसी तरह पानी की कमी होने पर प्यास का एहसास भी हाइपोथैलेमस ही कराता है।
शरीर का तापमान बैलेंस करना: शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने पर पसीना आना या ठंड लगने पर शरीर को गर्म रखने की प्रक्रिया शुरू करना, ये काम भी Hypothalamus करता है।
नींद और जागने का साइकिल: Hypothalamus शरीर के स्लीप-वेक साइकिल (Circadian Rhythm) को कंट्रोल करता है, जिससे हमें रात में नींद और दिन में जागने की इच्छा होती है।
इमोशन्स और स्ट्रेस कंट्रोल: स्ट्रेस कंट्रोल करने की क्षमता देना, गुस्सा आना, डर लगना और खुशी अनुभव होना जैसी भावनाओं को बैलेंस करने में भी हाइपोथैलेमस की अहम भूमिका होती है।
Hypothalamus के खराब होने के लक्षण
अगर Hypothalamus सही से काम न करे तो शरीर में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं...
वजन तेजी से बढ़ना या घटना
हॉर्मोनल इम्बैलेंस
महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता
स्ट्रेस और इमोशनल इम्बैलेंस
भूख या प्यास ज्यादा लगना या बिल्कुल न लगना
नींद की समस्याएं
शरीर का तापमान गड़बड़ होना
Hypothalamus को हेल्दी कैसे रखें?
Hypothalamus को हेल्दी रखना पूरे शरीर की हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। इसके लिए कुछ जरूरी आदतें अपनाई जा सकती हैं...
संतुलित आहार: हरी सब्जियां, फल, नट्स, होल ग्रेन्स और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें।
हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
स्ट्रेस कम करें: मेडिटेशन, योग और प्राणायम की सहायता से गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें और इसे नियम बनाकर फॉलो करें।
अच्छी नींद लें: हर दिन कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। ताकि शरीर को अपनी रिपेयरिंग का सही समय मिले।
रेगुलर एक्सरसाइज करें: रोजाना वॉकिंग, योग या हल्की एक्सरसाइज से Hypothalamus की फंक्शनिंग बेहतर होती है।
सही डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और अच्छी नींद से Hypothalamus की हेल्थ को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है। अगर आपको वजन, भूख, नींद या हॉर्मोन से जुड़ी कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। शरीर का यह छोटा-सा कंट्रोल सेंटर आपकी पूरी सेहत को बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।